Zero tolerance Against corruption: ओवररेटिंग पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 एसआई निलंबित, 5 अधिकारियों को नोटिस

Summary :

Zero Tolerance Against Corruption: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के अनुरूप आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में ओवररेटिंग और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त पदुम एस. एल्मा ने राज्य स्तरीय एवं संभागीय उड़नदस्ता दलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन आबकारी उप निरीक्षकों (एसआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि दो जिला आबकारी अधिकारियों और तीन सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। टीमों ने औचक निरीक्षण किया जानकारी…

Zero Tolerance Against Corruption: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के अनुरूप आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में ओवररेटिंग और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त पदुम एस. एल्मा ने राज्य स्तरीय एवं संभागीय उड़नदस्ता दलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर तीन आबकारी उप निरीक्षकों (एसआई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि दो जिला आबकारी अधिकारियों और तीन सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

टीमों ने औचक निरीक्षण किया

जानकारी के अनुसार दुर्ग, कांकेर और सरगुजा जिलों की शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों पर उड़नदस्ता टीमों ने औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ग्राहकों के माध्यम से ओवररेटिंग के मामलों की पुष्टि हुई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।  निलंबित किए गए अधिकारियों में सरगुजा के अंबिकापुर में पदस्थ एसआई अनिल गुप्ता, कांकेर के भानुप्रतापपुर में पदस्थ एसआई ओम प्रकाश तथा दुर्ग के एसआई हरीश पटेल शामिल हैं। इन पर शराब की निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के आरोप प्रमाणित पाए गए।

नोटिस जारी कर जवाब मांगा

वहीं जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग सी.आर. साहू, जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा लक्ष्मीकांत गायकवाड़, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग धीरज कनौजिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी कांकेर मधुकर श्याम हरित तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा शीला बड़ा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

आबकारी आयुक्त पदुम एस. एल्मा ने स्पष्ट किया है कि राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार निरीक्षण कर रहा है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आबकारी विभाग में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि पिछले आठ दिनों के भीतर आबकारी विभाग में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 11 जून को भी विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध निलंबन एवं नोटिस की कार्रवाई की गई थी। इधर, कबीरधाम जिले में आबकारी विभाग के दो उप निरीक्षकों पर विशेष संरक्षित बैगा आदिवासियों से कथित अवैध वसूली और फर्जी प्रकरण दर्ज करने के आरोपों की शिकायत भी सामने आई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने आबकारी आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। आबकारी विभाग की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि आम जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति सरकार किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के पक्ष में नहीं है। सुशासन की दिशा में उठाया गया यह कदम व्यवस्था में जवाबदेही और जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा।

 रिपोर्ट- आनंद खरे/ पंजाब केसरी रायपुर छत्तीसगढ़

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।