Cjp Delhi Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद ही शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सीपी) अनिल शुक्ला समेत तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। करीब आधे घंटे तक जंतर-मंतर, एनडीएमसी संसद मार्ग के पास माहौल गर्म रहा। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को समझा बुझाकर शांत किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोपहर के वक्त प्रदर्शनकारियों का एक समूह अचानक उग्र हो गया और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। उस समय स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद रहकर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वे पथराव की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना में दो अन्य पुलिस अधिकारी भी जख्मी हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि जब पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को शांत करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे बढ़े, तभी कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जबकि दूसरे समूह ने बिना किसी उकसावे के पथराव कर दिया। इससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेल दिया, जिससे कुछ देर में हालात पर काबू पा लिया गया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। झड़प समाप्त होने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे और हालात की लगातार निगरानी करते रहे। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है। पुलिस ने पथराव की घटना की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज की हैं 15 एफआईआर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक नई दिल्ली जिले के विभिन्न थानों में इस मामले से संबंधित 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान अब तक 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि 65 से अधिक प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए हैं। छात्रों का धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।



Download Android App
Download iOS App




