दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को रंगदारी मांगने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया जो रोहिणी जेल से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। इस मामले में एक नाबालिग समेत दस लोगों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ दीपू बुंदा (31), उसकी पत्नी नेहा कक्कर (32), सुरेंद्र (40), उसकी पत्नी सोनिया, सद्दाम गौरी (30), कुलदीप, राजकुमार उर्फ राजू (42), शिवा (30)और सतीश (37) के रूप में की गयी है एवं एक अन्य नाबालिग है।
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना गौरी मकोका एवं कई अन्य जघन्य मामलों में रोहिणी जेल है और वह जेल से ही अपना गोरखधंधा चला रहा थ। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार दो सितंबर को शाम छह बजकर 25 मिनट पर एक व्यापारी को उसके एक रिश्तेदार का कॉल आया कि उसके कार्यालय में गोली चली और जब व्यापारी वहां पहुंचा तब उसे दरवाजे के शीशे टूटे मिले और गोली के निशान थे। सुरेंद्र समेत दो लोग बाइक से वहां पहुंचे थे और सुरेंद्र ने गोली चलायी थी। उसके बाद दोनों कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर लेकर फरार हो गये।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दीपक पुरोहित ने कहा, ‘‘ चार सितंबर को शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत की कि उसे सुरेंद्र और दीपक से जबरन वसूली के कॉल आ रहे हैं और इन दोनों को गौरी निर्देश दे रहा है।’’पुरोहित के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि गौरी अपने साथियों सुरेंद्र और दीपक के मार्फत अपना जबरन वसूली गोरखधंधा चला रहा है और वह खुद भी ऐसी वसूली के लिए वाट्सऐप कॉल करता है।


Download Android App
Download iOS App



