Delhi Government : राजधानी दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली प्रशासनिक अधीनस्थ सेवा (डीएएसएस) कैडर के 111 अधिकारियों को पदोन्नत करते हुए उनकी नई तैनातियों के आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय से स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व जैसे तमाम अहम विभागों में जनसेवा के कार्यों को अभूतपूर्व गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को दी गई यह नई जिम्मेदारी स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में जनसेवा के कार्यों को गति प्रदान करेगी। दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रेड-1 के ये अधिकारी पदोन्नति के अभाव में लंबे समय से करियर में ठहराव (स्टेगनेशन) की समस्या का सामना कर रहे थे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, जीएसटी आदि विभागों की बढ़ेगी कार्यक्षमता
मुख्यमंत्री ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को पदोन्नत कर उन्हें नई जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस निर्णय के अनुसार शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में अधिकारियों को उप निदेशक (डीएसएस) के पद पर तैनात किया गया है, जिससे स्कूली शिक्षा व्यवस्था के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों (लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल) में उप चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य निदेशालय में उप निदेशक के पदों पर अधिकारियों की पदोन्नति व तैनाती की गई है। रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि पदोन्नत अधिकारियों को राजस्व एवं व्यापार-कर विभाग के विभिन्न उप-मंडलों में नए एसडीएम (मुख्यालय) व व्यापार एवं कर विभाग (डीटीएंडटी) में सहायक आयुक्त के रूप में अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। साथ ही उपराज्यपाल सचिवालय व अन्य विभाग उप सचिव के पदों पर पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ कानून एवं न्याय विभाग तथा सतर्कता निदेशालय में भी तैनाती की गई हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का यह कदम नागरिक सेवाओं को अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में अत्यंत सार्थक साबित होगा।
सरकार की प्रतिबद्धता सेवा भावना को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पदोन्नति दिल्ली सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके अंतर्गत वह अपने कर्मचारियों के करियर को आगे बढ़ाने और उनकी सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योग्य और अनुभवी अधिकारियों को उनका उचित सम्मान और पदोन्नति मिले। यह निर्णय डीएएसएस कैडर में वर्षों से चली आ रही रुकावट को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएएसएस के ग्रेड-1 अधिकारी लंबे समय से करियर में ठहराव (स्टेगनेशन) की समस्या का सामना कर रहे थे।
दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत यह पदोन्नति संभव हो पाई है। इस आदेश के तहत विभिन्न विभागों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, और एलजी सचिवालय के अधिकारियों को उनके नए पदों पर तैनात किया गया है, जिनमें उप निदेशक, उप सचिव, और उप चिकित्सा अधीक्षक जैसे पद शामिल हैं।
DASS ऑफिसर्स एसोसिएशन ने व्यक्त किया आभार
दास ऑफिसर्स एसोसिएशन ने जीएनसीटीडीएस कैडर रीस्ट्रक्चरिंग की महत्वपूर्ण गतिविधियों पर जीएनसीटीडी एवं एमएचए का आभार व्यक्त किया है। दास ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा का कहना है कि लंबे समय से डीएएसएस कैडर के ग्रेड-1 अधिकारी पदोन्नति न मिलने के कारण करियर में ठहराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। दिल्ली हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों और कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत आखिरकार इन अधिकारियों के लिए पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। एसोसिएशन ने कहा कि सहाय समिति की सिफारिशों, लंबे प्रशासनिक प्रयासों तथा दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष चले दीर्घ न्यायिक संघर्ष के बाद कैडर पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
दास अधिकारी संघ ने दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जीएनसीटीडी सर्विस डिपार्टमेंट तथा गृह मंत्रालय के प्रति पुन: आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि कैडर पुनर्गठन के शेष पहलुओं पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और जीएनसीटीडीएस अधिकारियों के कैरिअर की प्रगति को और सुदृढ़ किया जाएगा।



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