13 New Zero Waste Gaushalas Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को गौवंश संरक्षण और गौशालाओं के विकास को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि राजधानी में बनने वाली 13 नई गौशालाओं को ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कई गौशालाएं कम जगह में ज्यादा गौवंश रखकर उनकी देखभाल कर रही हैं, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार का लक्ष्य है कि गौमाता को पर्याप्त जगह और प्राकृतिक माहौल मिले। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जब तक नई गौशालाएं बनकर तैयार नहीं हो जातीं और गौवंश का स्थानांतरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा गौशालाओं में पशु चिकित्सकों की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं सरकार लगातार उपलब्ध कराती रहेगी।
बायोगैस और वेटरनरी सुविधाओं से लैस होंगी नई गौशालाएं
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा किशनगंज में दिल्ली पिंजरापोल सोसायटी द्वारा संचालित गौशाला परिसर में नवनिर्मित राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के अवसर पर की। इस अवसर पर केंद्रीय कानून और न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता, विधायक अशोक गोयल सहित अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौशाला परिसर में गौमाता की सेवा करते हुए उन्हें स्नेहपूर्वक हरा चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा केवल परंपरा नहीं, बल्कि समाज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी भी है, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। दिल्ली सरकार प्रत्येक जिले में कम से कम एक नई गौशाला स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसके लिए स्थानों की पहचान की जा चुकी है। इन गौशालाओं का विकास आधुनिक मॉडल पर किया जाएगा, जिसमें बायोगैस प्लांट, वेटरनरी अस्पताल, सोलर प्लांट और जीरो-वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
पर्यावरण और स्वच्छता पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में हर दिन निकलने वाले गोबर के सही और वैज्ञानिक निपटान के लिए बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। अगले दो साल में ऐसे 6 नए प्लांट लगाने का लक्ष्य है। इससे शहर साफ रहेगा और ऊर्जा भी पैदा होगी। इसके अलावा डेयरी कॉलोनियों के सुधार और पुनर्विकास के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार भविष्य में गौशालाओं को दिल्ली के रिज और वन क्षेत्रों से जोड़ने की योजना पर भी काम कर रही है ताकि गौवंश को खुले और प्राकृतिक माहौल में रहने और घूमने का अवसर मिल सके।
उन्होंने गौशाला संचालकों और समाजसेवियों के योगदान की सराहना करते हुए इस काम को पवित्र और ईश्वरीय जिम्मेदारी बताया। उन्होंने यह भी बताया कि भूमि लीज के नवीनीकरण और बिजली-पानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। साथ ही, इस साल के करीब 24 करोड़ रुपये का भुगतान भी समय से पहले जारी कर दिया गया ताकि सेवा कार्यों में कोई रुकावट न आए। गुप्ता ने अपनी सरकार की कई अन्य पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले शहर में कोई बायोगैस संयंत्र नहीं था, जिसके कारण गोबर नालियों में बहकर यमुना के पानी में मिल जाता था, लेकिन उनकी सरकार दिल्ली में उत्पन्न होने वाले 1,500 टन गोबर के निपटान के लिए छह बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है।


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