बृहस्तीवार को दिल्ली विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ, इस हंगामें के बीच राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के द्वारा विश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसमें उनके समर्थन में 58 वोट पड़े और विपक्ष में इस प्रस्ताव को लेकर एक भी वोट नहीं पड़ा। दरअसल, यह विश्वास प्रस्ताव आप पार्टी पर चल रहे शराब घोटाले और पार्टी के अधिकतर विधायकों को तोड़ने के आरोपों को लेकर औपचारिक तौर से यह विशेष सत्र बुलाया गया था।
बीजेपी का ऑपरेशन लोटस राजधानी में हुआ विफल- केजरीवाल

केजरीवाल ने यह ‘‘साबित’’ करने के लिए विश्वास प्रस्ताव पेश किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘ऑपरेशन लोटस’ राष्ट्रीय राजधानी में विफल हो गया है।सदन में मौजूद आम आदमी पार्टी (आप) के सभी विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। इसके खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा क्योंकि भाजपा के तीन विधायकों विजेंद्र गुप्ता, अभय वर्मा तथा मोहन सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष राखी बिड़ला के साथ नोंकझोंक के बाद विधानसभा से मार्शलों के जरिए बाहर निकाल दिया गया।
बिड़ला ने विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले ध्यानाकर्षण प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर गौर करने की उनकी मांग नहीं मानी थी। भाजपा के बाकी विधायकों ने इसके विरोध में सदन से बहिर्गमन कर दिया।आप को भाजपा के विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर अभी केवल दो पार्टी हैं – ‘कट्टर ईमानदार पार्टी और कट्टर बेईमान पार्टी’।


Download Android App
Download iOS App



