Al-falah University Chairman Arrest : दिल्ली पुलिस की crime branch ने लाल किले के पास हुए आतंकी विस्फोट के बाद सामने आई कथित शैक्षिणिक नियमों की अनदेखी और फर्जीवाड़े के सिलसिले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जावद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की शिकायत के आधार पर दर्ज दो एफआईआर के बाद हुई है। ये मामले प्राइवेट यूनिवर्सिटी के कामकाज में कथित तौर पर जालसाजी और वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से संबंधित हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहले ही इस मामले में कार्यवाही शुरू कर दी थी, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच तेज कर दी।
Al-falah University Chairman Arrest : लाल किला विस्फोट

अल फलाह के 48 कर्मचारियों से पूछताछ, जांच का दायरा दिल्ली के अस्पतालों तक पहुंचा। सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने पुलिस को आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
Al-Falah University Chairman : जांच के दायरे में डाक्टर-कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार, 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद अल फलाह विश्वविद्यालय के 200 से अधिक डॉक्टर और कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं, जिससे संस्थान में चिंता का माहौल छा गया है। सुरक्षाकर्मी विश्वविद्यालय भर में लगातार जांच कर रहे हैं, जिससे छात्रों और कर्मचारियों के बीच स्पष्ट चिंता पैदा हो गई है।
Al-Falah University News : क्या था मामला

दरअसल, सोमवार 10 नवंबर 2025 की शाम के करीब 6:50 के लगभग, दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नं-1 के निकट एक गाड़ी से तेज आतंकी विस्फोट हुआ, जिसमें करीब 13 व्यक्तियों की मौत हुई, और 24 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह धमाका अमोनियम नाइट्रेट की वजह से हुआ। इस धमाके से आग लग गई जिससे आस-पास की कई गाड़ियां,-कारें और ऑटो रिक्शा की हानि हुई।
इस आतंकी घटना को डाक्टर टैरर मॉड्यूल नाम दिया गया। इस हमले में शामिल आतंकी नेटवर्क डाक्टरी पेशेगत से थे जिनका कनेक्शन अल -फलाह यूनिवर्सिटी से सामने आया।
यह भी पढ़ें – गुवाहाटी में क्रूरता की हद पार, 13 साल की बच्ची का 6 साल तक शोषण, जबरन झोंकी गई घरेलू काम में


Download Android App
Download iOS App




