पश्चिमी दिल्ली : नवजात शिशु के अच्छे लालन-पालन के लिए दिल्ली सरकार ने शिशु और युवा बाल आहार यानि की आईवाईसीएफ का गठन किया था। मकसद था कि महिलाओं को उनके नौनिहाल के अच्छे लालन-पालन की काउंसिलिंग दी जाए। नवजात के अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्तनपान व आहार देने को लेकर डॉक्टरों की एक्सपर्ट टीम मां को ट्रेनिंग दी जाती थी, ताकि शिशु का शारीरिक और मानसिक तौर पर विकास अच्छे से हो सके। अंबेडकर अस्पताल के इस सेंटर पर बीते एक साल से किसी मां को ट्रेनिंग दी ही नहीं गई है।
अस्पताल परिसर में आईवाईसीएफ की काउंसिलिंग देने के संबंध में बड़े-बड़े बोर्ड तो लगाए गए हैं, लेकिन यहां अब काउंसिलिंग नहीं दी जाती है। पंजाब केसरी की टीम जब अस्पताल पहुंची तो वहां मौजूद स्टाफ ने एक साल से सेंटर के बंद होने की जानकारी दी। हमने पाया कि काउंसिलिंग के रूम के बाहर बोर्ड तो लगा है लेकिन रूम के अंदर सिर्फ बच्चों के वजन तोलने की मशीन के अलावा कुछ भी नहीं है। महिलाओं के बैठने व एक्सपर्ट के लिए कोई सीट उपलब्ध नहीं है।
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