Ayushi Murder: होनहार बेटी को गोली मारते वक्त नहीं कांपे पिता के हाथ

Summary :

बेटी की हत्या करने वाला पिता और उसका सहयोग करने वाली मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 17 नवंबर की दोपहर दो बजे पिता नितेश यादव ने गोली मारकर अपनी बेटी आयुषी की हत्या कर दी थी। बेटी की हत्या के बाद वह साफ बचना चाहता था।

आयुषी यादव हत्याकांड में पुलिस ने हैरान करने वाला खुलासा किया है। बेटी की हत्या करने वाला पिता और उसका सहयोग करने वाली मां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 17 नवंबर की दोपहर दो बजे पिता नितेश यादव ने गोली मारकर अपनी बेटी आयुषी की हत्या कर दी थी। बेटी की हत्या के बाद वह साफ बचना चाहता था। इसलिए प्लान के तहत 11 घंटे तक घर में शव को रखे रखा। पॉलिथीन में पैक करके ट्रॉली बैग में बंद करके।17 नवंबर की देर रात 3 बजे कार में हाईवे होकर निकले। हाईवे के कोटवन टोल पर 18 नवंबर की सुबह 5 बजे सीसीटीवी में यह कार कैद हुई।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
जिसमें देखा जा सकता है किकृषि अनुसंधान केंद्र राया में सुबह 6.50 बजे ट्रॉली बैग को  रोड पर  फेंक दिया था। सुनसान रास्ते शव फेंकने के बाद दंपती अपनी कार से एक्सप्रेसवे होकर दिल्ली चले गए। जिसके बाद पुलिस को खून से लथपथ लाश की जानकारी मिली और पुलिस ने आरोपी पिता को पकड़ने के लिए दो टीम बनाई और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद इस पूरे हत्याकांड का खुलासा हो पाया है। इस मामले को लेकर  एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि आयुषी ने करीब एक साल पहले छत्रपाल गुर्जर निवासी भरतपुर से आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। इसको लेकर घर में विवाद होता रहता था। आयुषी भरतपुर के रहने वाले एक युवक से प्रेम करती थी। युवक उसके सहपाठी का रिश्तेदार भी है। माता-पिता इसके खिलाफ थे। बता दें बेटी आयुषी  ने दिल्ली ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीसीए की थी। उसका 2020-2023 का बैच था। आयुषी पढ़ने में होशियार थी। हाल ही में उसने नीट भी पास कर ली थी।

 

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