बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली में बाढ़ की भयावह स्थिति के लिए केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दिल्ली में बाढ़ की स्थिति है, लेकिन यहां से कुछ किलोमीटर आगे नोएडा और गाजियाबाद हैं, जहां बाढ़ की कोई समस्या नहीं है। ”
उन्होंने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि राहत कार्य करने की बजाय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके राजनीतिक सहयोगी दिन भर राजनीतिक बयानबाजी करते रहे और दिल्ली बाढ़ के लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करते रहे। बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है लेकिन दूसरी ओर स्थानीय सरकार द्वारा की गई व्यवस्था से बाढ़ के प्रकोप को कम किया जा सकता है।
दुर्भाग्य से दिल्ली सरकार ने बाढ़ की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए और आज स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार बाढ़ की प्राकृतिक आपदा पर भी राजनीति कर रही है। सचदेवा ने कहा है कि हथनी कुंड बैराज जहां से अत्याधिक पानी दिल्ली की ओर छोड़ने का आरोप अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने हरियाणा सरकार पर लगाया है वह पूरी तरह गलत है, क्योंकि हरियाणा ने जो पानी छोड़ा है वह हथनी कुंड बैराज में पानी रोकने की तय सीमा से अधिक होने पर छोड़ा है।
हरियाणा के प्रशासनिक अधिकारियों ने यदि हथनी कुंड बैराज पर सीमा से अधिक पानी होने पर छोड़ा है तो उससे दिल्ली के प्रभावित होने से कहीं पहले खुद हरियाणा के यमुना नगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत जैसे जिले भी प्रभावित हुए हैं। सचदेवा ने दिल्ली में बाढ़ की स्थिति को गंभीर करने के लिये दिल्ली सरकार के सिंचाई विभाग, लोकनिर्माण विभाग एवं दिल्ली जल बोर्ड के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि दिल्ली में यमुना सफाई एवं नालों की सफाई पर काम नहीं किया गया है।
जिसके चलते यमुना नदी की गहराई लगभग खत्म हो गई है और अधिक पानी आते ही नदी में उफान आ गया है। इसी तरह दिल्ली के सभी नाले गाद से पटे हुए हैं और वो पानी को आगे ले जाना तो दूर पानी को उल्टा सड़कों पर फेंक रहे हैं। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के अलावा भाजपा सांसद मनोज तिवारी, रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा और गौतम गंभीर भी दिल्ली के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद करते नजर आए।


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