ब्रिक्स ने कराया नए भारत की ताकत का अहसासः सुनील मलकानी

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Delhi News/ सतेन्द्र त्रिपाठी :  दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत में ब्रिक्स का सफल आयोजन देश की बढ़ती ताकत और कूटनीतिक भूमिका को दिखाता है। इंडोनेशिया की एग्रीटेक कंपनी एग्रीबिड प्राइवेट लिमिटेड के कंट्री डायरेक्टर व दुबई की डीएस डिजिटल सोल टेक्नोलॉजीज के सीईओ सुनील मलकानी ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से राजधानी में हैं और इस दौरान ब्रिक्स से जुड़ी गतिविधियों तथा व्यवस्थाओं को करीब से देख रहे हैं, जी-20 के बाद ब्रिक्स का जिस स्तर पर आयोजन हुआ है, उसे देखकर अपने देश पर गर्व होता है और…

Delhi News/ सतेन्द्र त्रिपाठी :  दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत में ब्रिक्स का सफल आयोजन देश की बढ़ती ताकत और कूटनीतिक भूमिका को दिखाता है। इंडोनेशिया की एग्रीटेक कंपनी एग्रीबिड प्राइवेट लिमिटेड के कंट्री डायरेक्टर व दुबई की डीएस डिजिटल सोल टेक्नोलॉजीज के सीईओ सुनील मलकानी ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से राजधानी में हैं और इस दौरान ब्रिक्स से जुड़ी गतिविधियों तथा व्यवस्थाओं को करीब से देख रहे हैं, जी-20 के बाद ब्रिक्स का जिस स्तर पर आयोजन हुआ है, उसे देखकर अपने देश पर गर्व होता है और अहसास होता है कि आज भारत किसी से कम नहीं है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और देशों के बीच मतभेद हैं। ऐसे माहौल में अलग-अलग हितों वाले देशों को एक मंच पर लाना और महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति की दिशा में आगे बढ़ना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और कूटनीतिक क्षमता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज भारत की बात दुनिया गंभीरता से सुन रही है और ब्रिक्स जैसे मंच ने इसे एक बार फिर सामने रखा है। वहीं ब्रिक्स के समानांतर आयोजित आईब्रिक्स समिट-2026 में शामिल एग्रीबिड ने कृषि को ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग का बड़ा माध्यम बनाने पर जोर दिया।

एग्रीबिड के सीईओ सुनील मलकानी ने बताया कि ब्रिक्स में दुनिया की कई बड़ी कृषि, उपभोक्ता और उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ऐसे में कृषि इन देशों को आपस में जोड़ने वाले सबसे मजबूत आर्थिक सेतुओं में से एक बन सकती है। भारत अपने विशाल कृषि क्षेत्र, तकनीकी क्षमता और किसान नेटवर्क के कारण इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

1.2 करोड़ किसान तक एग्रीबिड ने पहुंचाया तकनीकी आधारित कृषि नेटवर्क

सुनील मलकानी ने बताया कि वर्ष 2020 से एग्रीबिड तकनीक आधारित कृषि नेटवर्क देश के 18 राज्यों में 1.2 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंच चुका है। इसके साथ एफपीओ, पैक्स, खरीदार और विभिन्न संस्थागत भागीदार भी जुड़े हैं। कंपनी डिजिटल कृषि बाजार, सरकारी खरीद, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी व्यापार, एआई एवं सैटेलाइट आधारित कृषि सूचना, आईओटी समाधान और कृषि वित्त जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है।

सुनील मलकानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल एग्रीबिड को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसे रास्ते तैयार करना है जिनसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार, नई तकनीक और निवेश के अवसर आखिरकार किसान तक पहुंच सकें। आईब्रिक्स के दौरान कृषि व्यापार, तकनीकी साझेदारी, निवेश और ब्रिक्स प्लस देशों के बाजारों तक पहुंच को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत शुरू हुई है।

उनके मुताबिक ब्रिक्स का असली लाभ तभी जमीन पर दिखाई देगा, जब बड़े वैश्विक मंचों पर होने वाली चर्चा निवेश, कारोबार और किसानों के लिए वास्तविक अवसरों में बदले। भारत की कृषि तकनीक और विशाल किसान नेटवर्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

Sumant Chaudhary