देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने मंगलवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में शहीद स्मारक पर उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में श्रद्धासुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलकारियों के संघर्ष व बलिदान के परिणाम स्वरूप ही उत्तराखण्ड का नये राज्य के रूप में निर्माण हुआ। जब हम राज्य आन्दोलन का जिक्र करते हैं तो 2 अक्टूबर का वह दृश्य याद आता है, जब राज्य निर्माण को लेकर आन्दोलनकारी दिल्ली जा रहे थे। तब पुलिस द्वारा ऐसे शान्तप्रिय लोगों पर बर्बर अत्याचार किया गया। इस घटना में हमारे 7 आन्दोलनकारी शहीद हो गये थे।
उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के संघर्ष में मसूरी, खटीमा, श्रीयंत्रटापू व रामपुर तिराहे पर कुल 28 राज्य आन्दोलकारियों ने अपनी शहादत दी। मुख्यमंत्री ने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राज्य आन्दोलन के लिये लम्बे समय तक संघर्ष करने वाले आन्दोलनकारियों के प्रति सम्मान का भाव व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों का जैसे नए उत्तराखण्ड राज्य का सपना था उसी के अनुरूप राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है। 2025 तक हर घर तक पानी, सड़क, बिजली व शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। पिछले डेढ़ सालों में राज्य के तीव्र विकास के लिये तेजी से प्रयास किये गये।
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पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षकों, डाॅक्टरों की नियुक्ति की गई। डिग्री काॅलेजों में वर्तमान में 93 प्रतिशत शिक्षक उपलब्ध है, शीघ्र ही शत प्रतिशत शिक्षक उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्वतीय प्रदेश है। इस अवसर पर विधायक खजानदास, स्वामी यतीश्वरानंद, कुंवर प्रणव चैंपियन, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष डाॅ.जयपाल सिंह, जिलाधिकारी हरिद्वार श्री दीपक रावत व राज्य आन्दोलकारी उपस्थित थे।
– सुनील तलवाड़


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