भोपाल : एक पखवाड़े बाद मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की आचार संहिता कभी भी लागू हो सकती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने तकरीबन सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आगामी 27 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो जाएगा। ईवीएम और वीवीपैट की पहले दौर की जांच का काम हो गया है। चुनाव ड्यूटी में लगने वाले कर्मचारियों का डेटाबेस भी बना लिया गया है। मतदान दिसम्बर माह केपहले पखवाड़े में संभावित बताए जा रहे हैं, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव की आचार संहिता 4अक्टूबर को लगी थी।
संभावना जताई जा रही है कि इस तारीख के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है। वैसे भी चुनाव आयोग की टीम मध्यप्रदेश की चुनावी तैयारियों से संतुष्ट है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत अपनी पूरी टीम साथ समीक्षा कर चुके हैं। इसके बाद से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव की टीम लगभग हर दिन मैदानी समीक्षा कर रही है। मतदाता सूची के काम में लगभग 65 हजार कर्मचारी और एक हजार से ज्यादा अधिकारी दिन-रात लगे हुए हैं।
सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर चुनाव आयोग शुक्रवार को चुनाव की तैयारियों का एलान करता है। आगामी माह पांच अक्टूबर को शुक्रवार है, इसलिए संभावना है कि आदर्श आचार संहिता इसी दिन से प्रभावी हो सकती है। वहीं त्योहारों को देखते हुए मतदान दिसम्बर माह के पहले पखवाड़े में एक चरण में कराया जा सकता है। 23 से 26 नवंबर तक इज्तिमा होने की वजह से इन तारीखों के आगे पीछे चुनाव नहीं कराए जाएंगे। वैसे भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त भोपाल दौरे के वक्त समय पर चुनाव होने और मतदान में त्योहारों का ध्यान रखने का भरोसा दिला चुके हैं।


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