संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ‘‘अशोभनीय आचरण’’ करने के कारण शीतकालीन सत्र में 12 सदस्यों के निलंबन के मुद्दे पर राज्यसभा में आज भी गतिरोध बरकरार रहा। कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह प्रदर्शन जंतर मंतर पर हुआ और केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला गया। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन में सैंकड़ों की संख्या में दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, विधायक, पूर्व मंत्री भी शामिल हुए।
इसके अलावा शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा से निलंबित कांग्रेस सासंद फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन और अखिलेश प्रताप सिंह भी शामिल हुए। वहीं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, भाजपा सरकार और उनके नेता बार बार इस बात का जिक्र करते हैं कि कांग्रेस ने 70 सालों में कुछ नहीं किया, यदि कांग्रेस ने नहीं किया होता तो 6 लाख करोड़ की सम्पत्तियां बेचने का मौका कैसे मिलता?
महंगाई इतनी बढ़ गई है कि रसोई घर में कर्फ्यू लग गया है। सदन के अंदर और सदन के बाहर महंगाई को लेकर कांग्रेस का आंदोलन छिड़ा हुआ है। दिल्ली में कांग्रेस की एक बड़ी महंगाई हटाओ रैली होनी थी, लेकिन सरकार को लगा इससे मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इस दौरान कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे के अलावा दिल्ली में महिला सुरक्षा, किसान आदि मुद्दों को उठाकर सरकारों को घेरने की कोशिश की। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि, दिल्ली में जिस तरह महंगाई बढ़ रही है यह दिल्ली की जनता की कमर तोड़ रही है। केजरीवाल सरकार लोगों को सिर्फ गुमराह कर रही है। न कोरोना काल में मदद की और न अब दिल्ली को सुधारने की तैयारी कर रही है।
दरअसल इससे पहले कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने के लिए द्वारका स्थित मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इजाजत नहीं दी। हालांकि इस मसले पर भी कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के बीच से जमकर कोसा और कहा कि, यह सरकार का डर है जो कांग्रेस को रैली नहीं करनी दी, लेकिन कांग्रेस आम जनता की आवाज उठाएगी और अब हम राजस्थान के जयपुर में एक बड़ी रैली आयोजित कर रहे हैं।


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