नई दिल्ली : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने केजरीवाल सरकार के एजुकेशन मॉडल को कठघरे में खड़ा किया है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी के की केजरीवाल सरकार ने बजट का 46 प्रतिशत बजट शिक्षा के क्षेत्र में खर्च ही नहीं किया गया। जबकि सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। कह रही है कि हमारा शिक्षा मॉडल सबसे बेहतर है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उनके शिक्षा मॉडल को किसी राज्य में लागू कर दिया गया तो वहां पर भी सरकारी स्कूलों से बच्चे निकलने शुरू हो जाएंगे। दिल्ली में पिछले पांच सालों में 1,32,000 बच्चे सरकारी स्कूल छोड़ गए। कांग्रेस ने मंगलवार को आरटीआई के हवाले से पोस्ट मार्टम रिपोर्ट जाकी की। कांग्रेस ने कहा कि आप पार्टी की सरकार ने दिल्ली के बच्चों के साथ एक बड़ा अपराध करके बच्चों को ही दो श्रेणियों मे बांट दिया है, जिससे उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मॉडल की आड़ में कांग्रेस शासन में बने कमरों पर सफेदी करके ठेकेदारों को फायदा पहुचाने वाले इस मॉडल की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में आने के बाद इस घोटाले की जांच कराएगी। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में आई तब शिक्षा में बजटीय प्रावधान 866 करोड़ था और जब कांग्रेस ने सत्ता छोड़ी तो बजट 5912 करोड़ था।
उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर केजरीवाल सरकार ने 5 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में निर्धारित 26,577 करोड़ में से केवल 12,243.06 करोड़ रुपए ही खर्च किया है। उन्होंने याद दिलाया कि दिल्ली का निरक्षरता की दर 1.7 प्रतिशत थी जो अब बढकर 3.4 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि राजधानी के लिए इससे शर्मनाक नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि 10,591 टीजीटी व पीजीटी के पद खाली पड़े हो जो स्वीकृत पदों का 65 प्रतिशत है।


Download Android App
Download iOS App



