मीडिया को सीबीआई की स्थिति रिपोर्ट चुनिंदा तरीके से लीक होने पर नाराजगी जताते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को डोपिंग के आरोप में चार साल के लिए प्रतिबंधित पहलवान नरसिंह यादव की प्रतिष्ठा खराब करने पर जांच एजेंसी की निंदा की। अदालत ने सीबीआर्ई के संयुक्त निदेशक से इस मामले पर गौर करने को कहा।
अदालत ने कहा कि यादव की शिकायत की जांच की स्थिति रिपोर्ट की सामग्री लीक होने के कारण उनकी छवि को अपूरणीय रूप से नुकसान पहुंचा है। यादव का आरोप है कि उनके भोजन में मिलावट की गई जिसके कारण उन पर पाबंदी लगी। अदालत ने एक फरवरी को सीबीआई को सीलबंद लिफाफे में अपनी स्थिति रिपोर्ट सौंपने को कहा था।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा कि खास बात यह है कि यही बातें मीडिया में आई खबरों में कही गई हैं। सीबीआई के वकील का कहना है कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 31 जनवरी को अदालत को सौंपी गई और इस पर रजिस्ट्री का ठप्पा लगा हुआ था। सीबीआई वकील रिपु दमन भारद्वाज ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि सूचना प्रेस को कहां से लीक हुई। इस पर अदालत ने कहा कि यह गंभीर मामला है। अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 29 मार्च की तारीख तय की है।


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