Cyber fraud : सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन रेंटल स्कैम के एक मामले का खुलासा करते हुए गुरुग्राम निवासी 21 वर्षीय हिमांशु मंडल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रॉपर्टी किराए पर देने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति से 34,999 रुपये की साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते को संचालित करने का आरोप है।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि करोल बाग निवासी पीड़ित ने अपना फ्लैट एक ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल पर किराए के लिए सूचीबद्ध किया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने खुद को भारतीय सेना का सूबेदार बताकर उनसे संपर्क किया और फ्लैट किराए पर लेने की इच्छा जताई। भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने किराया भेजने के बहाने पीड़ित से यूपीआई डिटेल साझा करने और वेरिफिकेशन के लिए एक रुपये भेजने को कहा।
इसके बाद आरोपी ने फोनपे के जरिए 34,999 रुपये का “रिक्वेस्ट मनी” ट्रांजेक्शन भेजा और उसे किराए की राशि बताकर भ्रमित किया। पीड़ित ने इसे आने वाला भुगतान समझकर रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और अपना यूपीआई पिन दर्ज कर दिया। इसके तुरंत बाद उसके खाते से 34,999 रुपये कट गए। मामले की जांच के लिए साइबर एसएचओ योगराज दलाल के नेतृत्व की टीम ने दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में तकनीकी एवं फील्ड जांच की।
साइबर गतिविधियों की सूचना इस नंबर पर दें
बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट के विश्लेषण से पता चला कि ठगी की रकम हिमांशु मंडल के नाम से संचालित केनरा बैंक खाते में पहुंची थी। खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने 18 जून को गुरुग्राम के सेक्टर-7 से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने और उसे संचालित करने की बात स्वीकार की है। पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी की पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, क्यूआर कोड स्कैन करने से बचें और संदिग्ध साइबर गतिविधियों की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दें।
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