मदमहेश्वर उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित भगवान शिव का एक बेहद पवित्र और सुंदर मंदिर है। मानसून के महीने में हर साल न जानें कितने लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। जब आप यहां घूमने के लिए जाएंगे, तो यहां की खूबसूरती और शांत माहौल आपको अपनी तरफ आकर्षित करेगा। अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आज हम आपके लिए एक बेहतरीन ट्रैवल गाइड के बारे में बताने जा रहे हैं। मदमहेश्वर मंदिर तक पहुंचने के लिए उखीमठ से होकर रांसी गांव जाना पड़ता है, जहां से 16 किलोमीटर का खूबसूरत ट्रेक शुरू होता है। ऐसे में आइए जानते हैं, यहां जानें का महीना और आरती का समय क्या है।
Best Time to Visit Madmaheshwar: मदमहेश्वर जाने का सबसे अच्छा समय

इस फेमस और खूबसूरत मंदिर में की यात्रा के लिए सबसे अच्छा जून का होता है, क्योंकि जून के मौसम में मानसून की शुरुआत हो जाती है जिसके कारण यहां हर जगह हरियाली ही हरियाली नजर आती है, लेकिन अगर आप इस महीने में यहां नहीं जा रहे हैं, तो आपके लिए मानसून के बाद सितंबर से अक्टूबर का महीना भी काफी ज्यादा अच्छा माना जाता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, इसलिए गर्मियों और शरद ऋतु के महीनों में यहां का मौसम ट्रेवल के लिए सबसे बेस्ट और सुहावना माना जाता है।
Madmaheshwar June Weather: जून में मदमहेश्वर का मौसम

अगर आप गर्मियों में यहां जाने की सोच रहे हैं, तो मदमहेश्वर जून के मौसम में ट्रेकिंग के लिए बहुत ही शानदार रहता है। जून के महीने में यहां न तो बहुत ज्यादा गर्मी होती है और न ही कड़ाके की ठंड होती है। दिन के समय मौसम सुहावना रहता है, जिससे चढ़ाई करने में काफी ज्यादा आसानी होती है, हालांकि यहां की रातें थोड़ी ठंडी हो सकती हैं, लेकिन इस महीने में चारों तरफ हरियाली और खिले हुए फूल नजर आते हैं।
Madmaheshwar Aarti Timings: मदमहेश्वर आरती का समय

मदमहेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद भगवान शिव की दिव्य आरती में शामिल होना जीवन का एक बेहतरीन अनुभव देता है। मदमहेश्वर मंदिर की बात करें तो यहां सुबह की पूजा और आरती आमतौर पर सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच होती है। इसके बाद दोपहर में भगवान को भोग लगाया जाता है और शाम की आरती शाम 6:30 बजे से 7:30 बजे के बीच की जाती है। साथ ही यहां आरती के समय पूरे मंदिर में शंख और घंटियों की आवाज से गूंजती है।


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