देश में साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Summary :

Cyber fraud : ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल थाना पुलिस ने देश भर में सक्रिय साइबर ठगों को फर्जी सिम व बैंक खाते (म्यूल सिम व अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। DCP (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि एसएचओ साइबर थाना पवन यादव की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान विजय कुमार, प्रदीप कुमार, यतेंद्र कुमार, मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह, अमन, सूरज यादव, गौरव नाहर और लक्ष्मण के तौर पर हुई है। आरोपी दिल्ली, नोएडा और करनाल (हरियाणा) के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों…

Cyber fraud : ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर सेल थाना पुलिस ने देश भर में सक्रिय साइबर ठगों को फर्जी सिम व बैंक खाते (म्यूल सिम व अकाउंट) उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। DCP (ईस्ट) राजीव कुमार ने बताया कि एसएचओ साइबर थाना पवन यादव की टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों की पहचान विजय कुमार, प्रदीप कुमार, यतेंद्र कुमार, मुकेश, विनेश, गुरबाज सिंह, अमन, सूरज यादव, गौरव नाहर और लक्ष्मण के तौर पर हुई है। आरोपी दिल्ली, नोएडा और करनाल (हरियाणा) के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 पीओएस (POS) मशीनें, विभिन्न बैंकों की 27 चेक बुक, 17 एटीएम कार्ड और 12 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

डीसीपी ने बताया कि यह गैंग देश के अलग-अलग राज्यों में बैठे साइबर अपराधियों को रुपयों के लेनदेन के लिए फर्जी सिम व फर्जी बैंक खाते उपलब्ध करता था। आरोपी मुख्य रूप से बेरोजगार, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी व रुपयों का लालच देकर उनके दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल सिम कार्ड, विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते।

जिसके बाद दूसरों के नाम पर जारी सिम, एटीएम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड, चेक बुक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (सिम कार्ड) खुद अपने कब्जे में ले लेते थे। जिसके बाद इन खातों को साइबर अपराधियों को मोटे कमिशन या फिर मोटी कीमत पर बेच दिया जाता था। जिसके बाद देश भर में ठगी की रकम इन खातों में मंगाई जाती और एक से दूसरे खाते में घुमाते हुए निकल ली जाती थी।

केरल की महिला के साथ ठगी, खुला राज

DCP ने बताया कि इस रैकेट का खुलासा उस वक्त हुआ, जब केरल की रहने वाली एक महिला से दो लाख की साइबर ठगी हुई। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी। ठगी की रकम यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर पाई गई, जब इंस्पेक्टर पवन यादव की टीम ने इस खाते में लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा और तकनीकी जांच की तो दिल्ली-एनसीआर से लेकर हरियाणा तक फैले इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। टीम ने छापेमारी करते हुए गिरोह के दस सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन खातों के जरिए अब तक कुल कितने करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है और इस गिरोह से जुड़े मुख्य साइबर अपराधी और लाभार्थी कौन-कौन हैं।

अनजान लोगों को अपने दस्तावेज देना पड़ सकता है भारी

साइबर एक्सपर्ट्स की अपील है कि आम लोगों खास तौर से नौकरी की तलाश में निकले युवाओं अपने दस्तावेज व फोटो अनजान लोगों को न दें। इनका इस्तेमाल म्यूल सिम व बैंक खाते खोलने में किया जा सकता है। जिसके बाद इनका इस्तेमाल साइबर ठगी में होने पर आपकी मुसीबत बढ़ सकती है, क्योंकि पुलिस जांच करते हुए सबसे पहले आपके पते पर पहुंचेगी।

Avinay