दिल्ली की हवा में प्रदूषण का गंभीर स्तर बना हुआ है। राजधानी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कंस्ट्रक्शन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण में मामूली सुधार के बाद 22 नवंबर को निर्माण गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध हटा लिया था।
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की एक कॉपी सामने आई है। जिसमें बिजली एवं प्लंबर से संबंधित कार्यों को छोड़कर निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जितने दिन काम बंद रहेगा, उतने दिन राज्य सरकारें निर्माण कार्य मजदूर फंड से मजदूरों को पैसा देंगी।
एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंचने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों केंद्र और दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि वह प्रदूषण के लिए जिम्मेवार गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाए। कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए दिल्ली सरकार ने निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध के अलावा सड़कों पर पानी का छिड़काव, सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम, प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्ती, स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने जैसे कई कदम उठाए थे।
दिल्ली में आज दर्ज हुआ 339 AQI
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के आंकड़े के अनुसार, दिल्ली में आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 339 दर्ज किया गया, जोकि ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है। SAFAR के अनुसार, राजधानी में सुबह 6:30 बजे दिल्ली यूनिवर्सिटी, लोधी रोड, मथुरा रोड, आईआईटी-दिल्ली और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे इलाकों में एयर क्वालिटी ‘बहुत खराब’ ही दर्ज की गई है। इन सभी जगह एक्यूआई 300 से अधिक ही रहा।


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