Delhi : नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड ने जहांगीरपुरी इलाके में प्रतिबंधित नशीली गोलियों और इंजेक्शनों के बड़े कारोबार का पर्दाफाश करते हुए तीन सगी बहनों और उनके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान जहांगीरपुरी निवासी पारो (28), उसकी बहनें ऊषा (25) और कांता (35) तथा भाई अमित (30) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत की नशीली गोलियां व इंजेक्शन, 22 लाख रुपये से अधिक नकदी, करीब 42 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात तथा नशे की कमाई से खरीदे गए 11 फ्लैटों का खुलासा किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मुख्य आरोपी सचिन उर्फ चाणक्य की तलाश में दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी कर रही है।
जांच में सामने आया है कि पारो इस पूरे गिरोह की सरगना थी और उसके नाम पर खरीदे गए 11 फ्लैटों का इस्तेमाल नशीली गोलियों और इंजेक्शनों को छिपाने तथा उनकी सप्लाई के लिए किया जाता था। ज्वाइंट सीपी विजय सिंह के मार्गदर्शन में डीसीपी आकांक्षा यादव के नेतृत्व की टीम ने यह कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि जहांगीरपुरी के डी-ब्लॉक में प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसके बाद एंटी नारकोटिक्स स्क्वायड ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी और तकनीकी जांच की। जानकारी पुख्ता होने पर पुलिस टीम ने डी-ब्लॉक स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जहां से सबसे पहले पारो और उसकी बहन उषा को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि उनकी बहन कांता और भाई अमित भी इस कारोबार में बराबर के साझेदार हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उनके कब्जे वाले सभी 11 फ्लैटों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक फ्लैट में आरोपी पारो का करीबी सचिन उर्फ चाणक्य रह रहा था, जो पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया। हालांकि उसके ठिकाने से भी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां, इंजेक्शन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया।
नशीली गोलियां और इंजेक्शन गाजियाबाद से होते थे उपलब्ध
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह को नशीली गोलियां और इंजेक्शन गाजियाबाद से उपलब्ध कराए जाते थे, जिन्हें जहांगीरपुरी और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नशे के इस अवैध कारोबार से हुई कमाई से करीब 15 से 20 लाख रुपये कीमत के 11 फ्लैट खरीद लिए थे और इन्हीं फ्लैटों को अवैध कारोबार का सुरक्षित अड्डा बना रखा था। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी सचिन उर्फ चाणक्य सहित गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की तलाश में जुटी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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