दिल्ली में कमर्शियल वाहनों पर ECC बढ़ा, अब हर साल 5% तक महंगी होगी एंट्री, भारी वाहनों के लिए 4000 रुपये तक शुल्क तय

Summary :

Delhi ECC Rate Hike 2026: राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले एनवायरनमेंटल कम्पेन्सेशन चार्ज (ईसीसी) में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि संशोधित ईसीसी केवल राजस्व बढ़ाने का उपाय नहीं, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की अनावश्यक एंट्री रोकने के लिए एक प्रभावी पर्यावरणीय नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब बाहरी राज्यों से आने वाले…

Delhi ECC Rate Hike 2026: राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले एनवायरनमेंटल कम्पेन्सेशन चार्ज (ईसीसी) में वृद्धि की अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि संशोधित ईसीसी केवल राजस्व बढ़ाने का उपाय नहीं, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की अनावश्यक एंट्री रोकने के लिए एक प्रभावी पर्यावरणीय नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अब बाहरी राज्यों से आने वाले प्रदूषण का अतिरिक्त बोझ नहीं उठा सकती और नई दरें साफ संदेश देती हैं कि प्रदूषण की कीमत अब अधिक चुकानी होगी। नई व्यवस्था के अनुसार कैटेगरी-2 (हल्के वाणिज्यिक वाहन) और कैटेगरी-3 (दो एक्सल ट्रक) के लिए ईसीसी 1,400 हजार से बढ़ाकर 2,000 हजार रुपए कर दिया गया है। वहीं कैटेगरी-4 (तीन एक्सल ट्रक) तथा कैटेगरी-5 (चार एक्सल और उससे अधिक भारी वाहन) के लिए शुल्क 2,600 हजार से बढ़ाकर 4,000 हजार रुपए निर्धारित किया गया है।

5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि का प्रावधान

सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम के प्रस्ताव को उचित और संतुलित मानते हुए इसे मंजूरी दी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि हर वर्ष अप्रैल से ईसीसी में 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि लागू होगी, ताकि समय के साथ इसकी प्रभावशीलता बनी रहे और महंगाई के प्रभाव को संतुलित किया जा सके। मंत्री सिरसा ने बताया कि वर्ष 2015 में तय की गई ईसीसी दरें समय के साथ अपनी रोकथाम क्षमता खो रही थीं। इसलिए वार्षिक वृद्धि व्यवस्था लागू की गई है, जिससे ट्रांसपोर्टरों को धीरे-धीरे स्वच्छ और कम प्रदूषणकारी परिवहन विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन भारी और वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की आवश्यकता नहीं है, वे बाहरी एक्सप्रेस-वे मार्गों का उपयोग करें। इससे न केवल ईसीसी भुगतान से बचाव संभव होगा, बल्कि राजधानी में यातायात दबाव और प्रदूषण दोनों कम होंगे।

क्लीन एयर रणनीति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का संकल्प

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वच्छ परिवहन, सख्त निगरानी और तकनीकी उपायों के जरिए व्यापक क्लीन एयर रणनीति पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि जो प्रदूषण बढ़ाएगा, उसे अधिक पर्यावरणीय जिम्मेदारी उठानी होगी, जबकि स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि संशोधित ईसीसी व्यवस्था दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने और दीर्घकालिक प्रदूषण नियंत्रण रणनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कहा, सिर्फ एक बार बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं

मंत्री सिरसा ने कहा कि सिर्फ एक बार बढ़ोतरी करना पर्याप्त नहीं है। हर साल 5 फीसदी की वृद्धि ईसीसी की प्रभावशीलता बनाए रखने, महंगाई के असर को ध्यान में रखने और धीरे-धीरे ट्रांसपोर्टरों को प्रदूषण फैलाने वाले विकल्पों से हटाकर स्वच्छ और गैर-प्रदूषणकारी विकल्पों की ओर ले जाने के लिए जरूरी है। इस निर्णय की पृष्ठभूमि में यह आकलन था कि वर्ष 2015 में तय किया गया ईसीसी समय के साथ अपनी रोकथाम क्षमता का कुछ हिस्सा खो चुका था। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वे कमर्शियल और भारी वाहन जिन्हें दिल्ली में प्रवेश की आवश्यकता नहीं है, सिवाय आवश्यक वस्तुओं और जरूरी सेवाओं के, उन्हें दिल्ली से बाहर बनाए गए एक्सप्रेसवे का उपयोग करना चाहिए। इससे वे संशोधित ईसीसी के भुगतान से भी बच सकेंगे। यह निर्देश दिल्ली में अनावश्यक वाहनों के दबाव और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य को और मजबूत करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।