चुनावी तैयारियों में दिल्ली चुनाव आयोग

Summary :

दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर चुनाव कराने संबंधित योजना पूरी तरह से तैयार की जा चुकी है।

लोकतंत्र के महापर्व की घोषणा होने के साथ ही दिल्ली चुनाव आयोग भी चुनावी तैयारियों में जुट गया है। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर चुनाव कराने संबंधित योजना पूरी तरह से तैयार की जा चुकी है। मतदाताओं की सुविधा के लिए 2696 पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर 13,816 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 89 हजार 968 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।

वहीं, चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को मतदान करने के लिए डाक मतपत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। दिल्ली में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न करने के लिए ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से मतदान के लिए 34953 बैलट यूनिट, 19002 कंट्रोल यूनिट और 20435 वीवीपैट की सहायता ली जाएगी, जबकि मतगणना के लिए सातों लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मतगणना केंद्र बनाए जाएंगे।

दो माह में बढ़े दो लाख मतदाता
पिछले दो महीने में करीब दो लाख से ज्यादा लोगों को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसके बाद मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 38 लाख 98 हजार 141 पर पहुंच गई है। जबकि करीब 90 हजार लोगों ने फॉर्म 6 भरकर आवेदन किए हैं जिन्हें जल्द ही निपटाया जाएगा। पहली बार मतदाता बनने वाले लोगों से अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जल्द से जल्द आवेदन देने के लिए कहा है।

हर निर्वाचन क्षेत्र में एक मॉडल मतदान केंद्र होगा और महिला मतदाताओं के लिए अलग से एक महिला मतदान केंद्र भी बनाया जाएगा। इस केंद्र में चुनाव अधिकारी से लेकर सहायक और सुरक्षाकर्मी के रूप में महिलाओं को तैनात किया जाएगा।

अब 70 लाख रुपए खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी
अधिकारी ने बताया कि सभी प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का पूर्ण ब्यौरा लिखित में देना होगा। यह खर्च नामांकन की तिथि से शुरू माना जाएगा जिसे चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। सभी प्रकार के खर्च लिए प्रत्याशी को बैंक में अलग से खाता खोलना होगा जिसकी अधिकतम सीमा 40 लाख से बढाकर 70 लाख रुपये कर दी गई है।

30 दिन में खर्च का देना होगा ब्यौरा
चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर प्रत्याशी को अपने दैनिक चुनाव खर्च और उसके बिल का ब्यौरा जिला निर्वाचन अधिकारी को देना होगा। ऐसा न करने वाले प्रत्याशी को जनप्रतिनिधि कानून की धारा 10 ए के तहत अयोग्य ठहराया जा सकता है। वहीं, राजनीतिक विज्ञापनों के बाबत जिला स्तरीय एमसीएमसी और राज्य स्तरीय एमसीएमसी से मंजूरी लेनी होगी।

Desk Team