दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार को बहुमंजिला इमारत में लगी आग के बीच 11 लोगों की जान बचाने वाले दमकलकर्मी राजेश शुक्ला को लोग असल जिंदगी का ‘हीरो’ बता रहे हैं।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के कर्मी शुक्ला ने कहा कि धुएं से भरे गलियारों से गुजरकर वह करीब 12 बार इमारत के अंदर गया और अंत में उसके सांस लेने वाले उपकरण की गैस खत्म हो गई। इस अभियान के दौरान उन्हें घुटने में चोट लगी और धुएं में ज्यादा देर रहने की वजह से उनके सिर में तेज दर्द हो रहा था।
फिलहाल एलएनजेपी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
शुक्ला ने कहा कि अग्निशमन विभाग में रहने के दौरान उन्होंने आग लगने की जो घटनाएं देखीं उनमें अनाज मंडी की घटना बेहद भीषण थी।
उन्होंने बताया, “मैं आग लगने की 7000 से ज्यादा घटनाओं में राहत अभियान से जुड़ा रहा हूं और करोल बाग के अर्पित पैलेस होटल में लगी आग और हाल में एम्स में लगी आग के दौरान भी राहत अभियान का हिस्सा था। हताहतों की संख्या के मामले में यह बड़ी आग थी।”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्ला से मुलाकात कर उनकी बहादुरी की सराहना की।
हर्षवर्धन ने ट्विटर पर लिखा, “दिल्ली के दुर्भाग्यपूर्ण अग्निकांड में अपनी जान की परवाह किए बिना 11 लोगों की जान बचाने वाले फायरमैन राजेश शुक्ला से मुलाकात कर उनका हाल जाना। राजेश शुक्ला अग्निकांड के दौरान लोगों को बचाते हुए घायल हो गए थे। मैं उनके जज़्बे को नमन करता हूं।”
दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने अस्पताल में शुक्ला से मुलाकात की।
जैन ने ट्वीट किया, “दमकलकर्मी राजेश शुक्ला असली हीरो हैं। वह आग वाली जगह घुसने वाले पहले दमकलकर्मियों में शामिल थे और 11 लोगों की जान बचाई। हड्डी में चोट के बावजूद उन्होंने अंत तक अपना काम किया। इस हीरो की बहादुरी को सलाम।”
उत्तरी दिल्ली के अनाज मंडी इलाके के एक कारखाने में रविवार सुबह लगी आग में 43 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए।


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