विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता आलोक कुमार के खिलाफ कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला भाषण देने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने के निचली अदालत के आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी। बता दें की पिछले वर्ष आलोक कुमार ने एक रैली के दौरान अपने भाषण कुछ नफरत भरे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने निचली अदालत के 18 फरवरी के आदेश पर 12 मई तक रोक लगा दी। उच्च न्यायालय ने पुलिस को 12 मई को अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
निचली अदालत ने कार्यकर्ता हर्ष मंदर की शिकायत पर यह आदेश दिया था। हर्ष मंदर ने आरोप लगाया गया था कि कुमार ने जुलाई में विहिप की एक रैली के दौरान नफरत भरा भाषण दिया था।


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