दिल्ली उच्च न्यायालय ने नए सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार से जवाब तलब किया। इन नए कानूनों में डिजिटल न्यूज मीडिया के नियमन का प्रावधान है। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किए तथा उन्हें उनके जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।
अदालत ने ‘क्विन्ट डिजिटल मीडिया लिमिटेड’ द्वारा दायर इस अपील पर अगली सुनवाई 16 अप्रैल को नियत कर दी। ऐसी ही याचिकाएं ‘फाउंडेशन फॉर इंडिपेन्डेन्ट जर्नलिजम’ तथा ‘द वायर’ ने भी दाखिल की हैं। इन पर भी 16 अप्रैल को ही सुनवाई होगी। संशोधित आईटी नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग कंपनियों को जितनी जल्दी हो अपने प्लेटफॉर्म्स से सामग्री हटाना होगा, शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी और जांच में मदद करना होगा।
बता दें कि इससे पहले भी नौ मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल समाचार मीडिया के नियमन संबंधी नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को केंद्र से जवाब मांगा था। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को नोटिस जारी किए और उन्हें जवाब दायर करने के लिए समय भी दिया था।
अदालत ‘फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म’ की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने सरकार की ओर से 25 फरवरी को जारी नए आईटी नियमों को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि यह डिजिटल समाचार मीडिया को नियंत्रित एवं विनियमित करने वाला है। याचिका में कहा गया है कि यह याचिकाकर्ता की तरह डिजिटल न्यूज मीडिया को गहरा एवं गंभीर नुकसान पहुंचाने वाले हैं और उनके अधिकारों का हनन करते हैं। याचिका में आईटी के नए नियमों को निरस्त करने की मांग की गई है।


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