Delhi Janakpuri Bike Accident : दिल्ली के वेस्ट जनकपुरी इलाके में एक भयानक घटना घटी है, जहां एक बाइकर की सड़क पर खुले जल बोर्ड के गड्ढे में गिर कर मौत हो गई। हैरानी यह कि पीड़ित पूरी रात उसी गड्ढे में तड़पता रहा। इस घटना की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। देखा जा सकता है कि पीड़ित अपनी बाइक Apache RTR 200 समेत गड्ढे में औंधे मुंह गिरा है। पीड़ित ने हेलमेट, राइडिंग जैकेट और ग्लव्स पहने हुए हैं।
Delhi Janakpuri Bike Accident : क्या है पूरी घटना

पीड़ित की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो एचडीएफसी बैंक की रोहिणी शाखा में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, कमल बुधवार देर रात घर लौट रहे थे और उन्होंने अपने जुड़वां भाई करण को बताया था कि वे 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके तुरंत बाद उनका फोन लगातार बजता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पीड़ित के परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने बताया कि वे जनकपुरी जिला केंद्र क्षेत्र में हैं, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। परिवार का दावा है कि जब उन्होंने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन बंद था। उनकी तलाश में परिवार ने दर्जनों पुलिस थानों का दौरा किया। पुलिस ने कथित तौर पर पीड़ित के लास्ट लोकैशन की जानकारी परिवार के साथ साझा की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। घंटों बाद, परिवार को सूचित किया गया कि उनका शव मिल गया है।
ज्ञात हो यह घटना 16 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के कुछ दिनों बाद हुई है। ऐसी लापरवाही की घटनाएं तेजी से देखने में आ रही हैं। इस से पहले रायपुर में लोकनिर्माण विभाग की गंभीर लापरवाही देखने को मिली जहां ओवरब्रिज बनाने के लिए खुदे गड्ढे में एक व्यक्ति के गिरने से मौत हो गई।
Delhi Janakpuri Accident : जिम्मेदार कौन

कई बार देखा गया है कि सड़क पर बने गड्ढों की वजह से बहुत से लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. खासतौर पर मानसून के मौसम में बरसात में इस तरह के केस देखने की काफी सामने आते हैं. बहुत बार देखा गया है कि सड़क पर निर्माण कार्य हो रहा होता है और गड्ढे बना दिए गए होते हैं. उनके लिए अलग से सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया होता.
आम जनता भी उसके आसपास से गुजरती है. जिस वजह से कई बार देखने को मिला है कि लोग उन गड्ढों में गिर जाते हैं. और उनकी मौत तक हो जाती है. ऐसे में गड्ढे में गिरने के बाद मौत की जिम्मेदारी किसकी बनती है. चलिए आपको बताते हैं.
Delhi Accident News : सरकार की होती है जिम्मेदारी
सड़कों का निर्माण करना उनका रखरखाव करना सरकार के जिम्मेदारी होती है. भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सभी भारतीय नागरिकों को जीवन और स्वछंदता का अधिकार प्राप्त है. जीवन के अधिकार का मतलब है सम्मान से जीने का अधिकार और इस सरकार इस अधिकार की रक्षा करना लिए उत्तरदाई होती है. सड़कों की पूरी जिम्मेदारी सरकार की सिविक बॉडी के अंतर्गत आती है.
ऐसे में अगर सड़क पर गड्ढा होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी सड़क सिविक बॉडी की बनती है. अगर किसी की गड्ढे में गिरकर मौत हो जाती है तो फिर इसके लिए भी सिविक बॉडी ही जिम्मेदार होती है. यानी एक तरह से कहा जाए तो सड़क पर बने हुए गड्ढे में गिरकर मौत होती है. तो ऐसे में सरकार जिम्मेदार होती है.
दर्ज हो सकता है केस
सड़कों पर गड्ढे होना, सड़क का खुदा होना नाले या मैन हॉल ढका हुआ न होना. इस यह सब सिविक बॉडी की लापरवाही मानी जाती है. अगर कहीं सड़क पर कोई कंस्ट्रक्शन का काम किया जा रहा है वहां गड्ढा है या फिर सड़क खुद ही हुई है. और सड़क पर बने उस गड्ढे में गिरकर किसी की मौत हो जाती है. तो फिर सिर्फ एक बॉडी पर लापरवाही से हुई मौत के तहत केस दायर किया जा सकता है.
कुछ समय पहले मुंबई में एक महिला बारिश के मौसम में मैनहोल में गिर गई थी जिसके चलते उसकी मौत हो गई. इस केस में बृहन्मुंबई नगर निगम और एक ठेकेदार पर लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया गया.
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