दिल्ली में मेयर पद को लेकर सियासी हलचल तेज, भाजपा में अनुभव और छवि पर जोर

Summary :

Delhi Mayor Election 2026: राजधानी में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस बार केवल लॉबिंग के बजाय अनुभवी और साफ-सुथरी छवि वाले पार्षदों को प्राथमिकता देने के संकेत दे रहा है। सूत्रों की मानें तो महापौर और उप महापौर पद के उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर इस सप्ताह तक लग सकती है। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार खास बात यह है कि दिल्ली में केंद्र, राज्य और निगम तीनों स्तरों पर एक…

Delhi Mayor Election 2026: राजधानी में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर दावेदारों की सक्रियता तेज हो गई है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस बार केवल लॉबिंग के बजाय अनुभवी और साफ-सुथरी छवि वाले पार्षदों को प्राथमिकता देने के संकेत दे रहा है। सूत्रों की मानें तो महापौर और उप महापौर पद के उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर इस सप्ताह तक लग सकती है। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार खास बात यह है कि दिल्ली में केंद्र, राज्य और निगम तीनों स्तरों पर एक ही दल की सरकार होने के चलते चुने जाने वाले महापौर के सामने राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

क्षेत्रों से संभावित नामों को शॉर्टलिस्ट

पार्टी रणनीति के तहत पूर्व में रहे तीनों निगम उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली से संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कवायद चल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों से संभावित नामों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली से स्थायी समिति की प्रमुख सत्या शर्मा और पूर्व चेयरमैन सत्यपाल सिंह के नामों पर चर्चा है, जबकि उत्तर दिल्ली से मौजूदा उप महापौर जय भगवान यादव, नेता सदन प्रवेश वाही और शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा भी दावेदारी में माने जा रहे हैं। दक्षिणी दिल्ली में भी कई वरिष्ठ पार्षद सक्रिय हैं और संगठन के संपर्क में हैं। राजनीतिक गलियारों में खास तौर पर जय भगवान यादव का नाम आगे चल रहा है, जिनका लंबा अनुभव उनकी ताकत माना जा रहा है। वहीं सत्या शर्मा को संगठन और शीर्ष नेतृत्व से करीबी का लाभ मिल सकता है, जिससे उनकी दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।

पांचवें वर्ष होगा महापौर चुनाव

एमसीडी के इस कार्यकाल में यह पांचवें वर्ष का महापौर चुनाव होगा, जो अपेक्षाकृत अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार चुना गया महापौर शेष कार्यकाल तक पद पर रह सकता है, इसलिए पार्षदों में भी इस चुनाव को लेकर विशेष रुचि देखी जा रही है। संख्या बल के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी फिलहाल मजबूत स्थिति में है और महापौर पद उसके खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव की अधिसूचना अप्रैल के मध्य तक जारी हो सकती है, जबकि महीने के अंतिम सप्ताह में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के आसार हैं। पिछले साल विपक्ष के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के कारण मुकाबला एकतरफा रहा था, लेकिन इस बार परिस्थितियां अलग हो सकती हैं, जिससे चुनावी दिलचस्पी और बढ़ गई है।

Also Read: CM रेखा गुप्ता ने बंगाल की संस्कृति को किया नमन, विकास और परिवर्तन का दिया संदेश

Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।