Delhi Water Tankers GPS Mandatory: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में पानी की आपूर्ति को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही, जल बोर्ड को हर टैंकर का पूरा रिकॉर्ड रखने और जांच के दौरान ड्राइवरों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सभी टैंकरों के लिए जीपीएस अनिवार्य
एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यह नियम सभी प्रकार के टैंकरों पर लागू होगा, चाहे वे भूजल लेकर चल रहे हों या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से साफ किया गया पानी। ट्रिब्यूनल ने कहा कि निगरानी के बिना कुछ लोग एसटीपी के नाम पर अवैध भूजल का दोहन कर सकते हैं, इसलिए जीपीएस सिस्टम जरूरी है।
छूट की मांग खारिज
इससे पहले 28 मई 2025 के आदेश में भी एनजीटी ने कमर्शियल पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों में जीपीएस लगाने और अवैध भूजल दोहन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, कुछ पक्षों ने एसटीपी के पानी वाले टैंकरों को इस नियम से छूट देने की मांग की थी, जिसे ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया।
याचिका पर सुनवाई, सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले की शुरुआत प्रीतिपाल शर्मा द्वारा दायर एक याचिका से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिना अनुमति के बोरवेल लगाकर व्यावसायिक रूप से भूजल निकाला जा रहा है। इस पर एनजीटी ने जांच के लिए एक समिति गठित की, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने दोहराया कि दिल्ली में अब केवल जीपीएस युक्त टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।


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