दिल्ली में जल माफिया पर नकेल, अब हर पानी के टैंकर में GPS अनिवार्य, NGT का सख्त आदेश

Summary :

Delhi Water Tankers GPS Mandatory: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में पानी की आपूर्ति को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही, जल बोर्ड को हर टैंकर का पूरा रिकॉर्ड रखने और जांच के दौरान ड्राइवरों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी टैंकरों के लिए जीपीएस अनिवार्य एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यह नियम सभी प्रकार के टैंकरों पर लागू होगा, चाहे वे भूजल लेकर चल…

Delhi Water Tankers GPS Mandatory: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली में पानी की आपूर्ति को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाए। इसके साथ ही, जल बोर्ड को हर टैंकर का पूरा रिकॉर्ड रखने और जांच के दौरान ड्राइवरों द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सभी टैंकरों के लिए जीपीएस अनिवार्य

एनजीटी ने स्पष्ट किया कि यह नियम सभी प्रकार के टैंकरों पर लागू होगा, चाहे वे भूजल लेकर चल रहे हों या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से साफ किया गया पानी। ट्रिब्यूनल ने कहा कि निगरानी के बिना कुछ लोग एसटीपी के नाम पर अवैध भूजल का दोहन कर सकते हैं, इसलिए जीपीएस सिस्टम जरूरी है।

छूट की मांग खारिज

इससे पहले 28 मई 2025 के आदेश में भी एनजीटी ने कमर्शियल पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों में जीपीएस लगाने और अवैध भूजल दोहन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, कुछ पक्षों ने एसटीपी के पानी वाले टैंकरों को इस नियम से छूट देने की मांग की थी, जिसे ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया।

याचिका पर सुनवाई, सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले की शुरुआत प्रीतिपाल शर्मा द्वारा दायर एक याचिका से हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बिना अनुमति के बोरवेल लगाकर व्यावसायिक रूप से भूजल निकाला जा रहा है। इस पर एनजीटी ने जांच के लिए एक समिति गठित की, जिसने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने दोहराया कि दिल्ली में अब केवल जीपीएस युक्त टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति की जाएगी और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।