Delhi Government : दिल्ली सरकार ऐसी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर गंभीरता से अमल कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली देश का ग्रोथ इंजन बन जाएगी। दिल्ली सरकार ऐसी दिल्ली बनाएगी, जहां सपने देखने की आजादी हो और उन्हें पूरा करने के अवसर भी। यह बात दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को छत्रसाल स्टेडियम से दिल्लीवासियों को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने मजबूती के साथ कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण, परिवहन व्यवस्था आदि को विकास की मजबूत नींव बनाया जा रहा है। विकसित भारत की दहलीज पर पहला बड़ा कदम दिल्ली रखेगी और दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजधानी को ‘विकसित दिल्ली’ बनाने का विजन भी पेश किया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के नाते दिल्ली की जिम्मेदारी सामान्य नहीं हो सकती। दिल्ली केवल शासन का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना, सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक ऊर्जा और राष्ट्रीय आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए दिल्ली का विकास केवल दिल्लीवासियों का विषय नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। केंद्र और दिल्ली में एक ही विजन की सरकार होने का लाभ अब दिल्ली के विकास को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली के विकास के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत अलग विभाग बनाया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ कैपिटल डेवलेपमेंट जैसी संस्थागत व्यवस्था दिल्ली को विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में गेम चेंजर साबित होगी।
दिल्ली में 4,500 ईवी बसें तैनात, 12,000 तक ले जाने का लक्ष्यः रेखा गुप्ता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली में ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित कर रही है, जो आज की जरूरत पूरी करने के साथ-साथ आने वाले दशकों की जरूरतों का भी अनुमान लगाए। इसी सोच के साथ कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और जीवन की गुणवत्ता को साथ लेकर काम किया जा रहा है। दिल्ली में 4,500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें तैनात हो चुकी हैं और इनकी संख्या 12,000 तक ले जाने का लक्ष्य है। 9,000 ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा चुके हैं और इन्हें 32,000 तक बढ़ाने की योजना है। हम चाहते हैं कि दिल्ली ईवी बदलाव का मॉडल बने, जहां विकास की रफ्तार और पर्यावरण की सुरक्षा साथ-साथ चलेगी। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तीन नए स्वीकृत कॉरिडोर से मौजूदा नेटवर्क में करीब 47 किलोमीटर का विस्तार होगा।
आध्यात्मिक, चिकित्सा, सांस्कृतिक और फूड टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनेगी दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की विरासत को विकास से जोड़ने की बात करते हुए कहा कि दिल्ली को आध्यात्मिक, चिकित्सा, विरासत, सांस्कृतिक और फूड टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के सपने को दिल्ली अपनी विरासत और पहचान के साथ विकसित दिल्ली बनकर आगे बढ़ाएगी। वह दिल्ली को सिर्फ सपनों की दिल्ली नहीं, बल्कि सपने पूरे करने वाली दिल्ली बनाना चाहती हैं। सरकार का वादा है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब दिल्ली मॉडल को देश के दूसरे राज्य भी अपनाना चाहेंगे। यह छोटी महत्वाकांक्षा नहीं है, लेकिन दिल्ली छोटी महत्वाकांक्षा के लिए बनी भी नहीं है।
महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो दिल्ली और देश आगे बढ़ेगा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली की बेटियों और बहनों को 18 लाख से अधिक पिंक कार्ड जारी किए गए हैं। यह कार्ड ट्रांसजेंडर समुदाय के नागरिकों को भी प्रदान किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार जल्द ही ‘दुर्गा योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत 1,100 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा परमिट दिए जाएंगे। उन्होंने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए पंजीकरण शुरू किया जा चुका है और इसकी पहली किश्त रक्षाबंधन पर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पहले दो सप्ताह में ही 7 लाख 25 हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली की बेटियों के लिए शुरू की गई ‘लखपति बिटिया योजना’ की भी जानकारी दी। योजना के परिपक्व होने पर शिक्षा पूरी करने के बाद लाभार्थी बेटी को 1 लाख रुपये की राशि प्राप्त होगी।
पांच वर्षों में दिल्ली का हर तरह का कूड़ा साफ करना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता पहले पांच वर्षों में दिल्ली का हर तरह का कूड़ा साफ करना है। इसमें केवल सड़कों का कूड़ा ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े भ्रष्टाचार, लालफीताशाही, पुराने और जटिल सिस्टम, प्रदूषण तथा कूड़े के पहाड़ भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यमुना की स्वच्छता भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में है। दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में पर्यावरण, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, शामिल है। इसी दिशा में पहली बार दिल्ली में ग्रीन बजट लाया गया है। इस वर्ष दिल्ली के कुल बजट का 21.44 प्रतिशत यानी 22,236 करोड़ रुपये ग्रीन बजट के लिए रखा गया है।
बीमारी के समय गरीब को घर-जमीन न बेचनी पड़े, ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बना रही सरकार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को ऐसी मजबूत नींव के रूप में विकसित कर रही है, जो आज की जरूरतों को पूरा करने के साथ आने वाले दशकों की आकांक्षाओं पर भी खरी उतरे। उनके लिए स्वास्थ्य का अर्थ केवल इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवार को बीमारी के समय अपनी जमीन या घर न बेचना पड़े और बुजुर्ग को इलाज के लिए दर-दर न भटकना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य नवजात बच्चे को जीवन की शुरुआत में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना भी है। इसी सोच के साथ दिल्ली में पहली बार आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना लागू की गई है। इसके दायरे में 8.9 लाख लाभार्थी आए हैं। इनमें 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3.07 लाख से अधिक वय वंदना योजना कार्ड भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 417 आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर शुरू किए गए हैं, जहां 80 प्रकार की जांच और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में पांच नए अस्पताल ब्लॉक भी पूरे किए गए हैं।



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