दिल्ली की आबोहवा फिर हुई खराब, 286 दर्ज किया गया AQI

Summary :

लगातार दिल्ली की आबोहवा बेहद खराब होती जा रही है। बता दें दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता 286 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। नोएडा में वायु गुणवत्ता 255 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता 200 AQI के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया। कई दिनों से वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज आपको बता दें दिल्ली, नोएडा समेत पूरे एनसीआर में पिछले कई दिनों से वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज…

लगातार दिल्ली की आबोहवा बेहद खराब होती जा रही है। बता दें दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता 286 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। नोएडा में वायु गुणवत्ता 255 AQI के साथ ‘खराब’ श्रेणी में और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता 200 AQI के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
कई दिनों से वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज
आपको बता दें दिल्ली, नोएडा समेत पूरे एनसीआर में पिछले कई दिनों से वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में इसके और खराब होने की आशंका है। शुक्रवार सुबह नौ बजे राष्ट्रीय राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 256 दर्ज किया गया था। कई इलाकों में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई बृहस्पतिवार शाम चार बजे 256, बुधवार को 243 और मंगलवार को 220 था।
 वाहन प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए शुरू किया अभियान- दिल्ली सरकार
बता दें इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहन प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एक अभियान भी शुरू किया है। एक साल पहले उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने ऐसे ही अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए उसे रोक दिया था। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान की ओर से 2019 में कराया गया एक अध्ययन बताता है कि ‘‘ट्रैफिक सिग्नल’’ पर इंजन चालू रखने से प्रदूषण स्तर में नौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो सकती है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब
दरअसल, दिल्ली में पिछले कुछ सालों में उत्सर्जन सूची और स्रोत विभाजन पर कराये गए अध्ययनों से पता चला कि वाहनों से जो धुंआ निकलता है, उसका हिस्सा पीएम 2.5 उत्सर्जन में नौ प्रतिशत से 38 प्रतिशत तक होता है। मई के बाद पहली बार रविवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गयी थी। उसकी मुख्य वजह तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार है, जिसके कारण प्रदूषक जमा हो गये।

Desk Team