घना कोहरा करेगा प्रभावित शनिवार को बारिश की संभावना

Summary :

न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस गिरने की संभावना है। वहीं घना कोहरा भी पड़ेगा। सर्द हवाओं ने परेशान किया और सुबह से लेकर देर शाम तक हवा चलती रही।

नई दिल्ली : दिल्ली में मंगलवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार को तापमान 20 और 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस गिरने की संभावना है। वहीं घना कोहरा भी पड़ेगा। मंगलवार को सर्द हवाओं ने परेशान किया और सुबह से लेकर देर शाम तक हवा चलती रही।

सफदरजंग केन्द्र पर दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे के बीच 34 से 35 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा दर्ज की गई। सफदरजंग केन्द्र पर सुबह साढ़े 6 बजे से लेकर साढ़े आठ बजे तक सबसे कम दृश्यता 200 मीटर बनी रही। मौसम विभाग की माने तो उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी भागों में अगले तीन दिन मध्यम से घना कोहरा पड़ने की संभावना है।

दस जनवरी की रात से पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र और 11 जनवरी से समीपवर्ती मैदानी क्षेत्र में नये पश्चिमी विक्षोभ द्वारा प्रभावित होने की संभावना बन रही है। 12 जनवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और रात के समय हल्की या बौछार के साथ बारिश हो सकती है। यही स्थिति 13 जनवरी को भी बनी रहेगी।

दिल्ली के अन्य केन्द्रों पर न्यूनतम तापमान… पालम 8.4, लोधी रोड 7, रिज 8.6, आया नगर 8.2, डीयू 9.6, जाफरपुर और मुंगेशपुर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

माता की चौकी पर ट्रैफिक पुलिस को ऑब्जेक्शन
मुकरबा चौक पर पिछले छह साल से जागरण के लिए लग रही माता की चौकी पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ऑब्जेक्शन उठा दिया। जिससे गुस्साए ऑटो चालकों ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ ही नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया तो वह फिर से विरोध-प्रदर्शन करेंगे। यह उनकी आस्था का सवाल है। बता दें कि मुकरबा चौक पर इन दिनों माता के जागरण के लिए ऑटो चालकों ने माता की चौकी लगाई है। आरोप है कि पिछले दो दिनों से दिल्ली ट्रैफिक पुलिसकर्मी वहां आते हैं और बार-बार चौकी पर पर्दा लगवा देते हैं।

10 फीसदी आरक्षण ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा सामान्य वर्ग को सबका साथ-सबका विकास के तहत 10 फीसदी आरक्षण का फैसला ऐतिहासिक कदम हैं। यह बातें भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने कहीं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सामान्य वर्ग के सवर्णों में व्याप्त असंतोष भी समाप्त हो गया है। मालूम हो कि सवर्णों द्वारा यह मांग काफी समय से उठ रही थी।

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