ससुर की बीमारी में दामाद ने दिन-रात की सेवा की, बीवी ने कोर्ट में ही फाड़ दी तलाक की अर्जी, फिर लगा लिया गले!

Summary :

शादी के बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो गया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। दोनों ने तलाक लेने का फैसला कर लिया था और कानूनी कार्यवाही काफी समय से चल रही थी। घर में रोज़-रोज़ के तनाव का सबसे बुरा असर महिला के बुज़ुर्ग पिता पर पड़ा; अपनी बेटी की शादी को टूटते देख उन्हें गहरा और खामोश दुख पहुँचा। आखिरकार, उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार परेशान था और समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे। Divorce application torn in court: दामाद ने बेटे की तरह निभाई ज़िम्मेदारी Shikha…

शादी के बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो गया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। दोनों ने तलाक लेने का फैसला कर लिया था और कानूनी कार्यवाही काफी समय से चल रही थी। घर में रोज़-रोज़ के तनाव का सबसे बुरा असर महिला के बुज़ुर्ग पिता पर पड़ा; अपनी बेटी की शादी को टूटते देख उन्हें गहरा और खामोश दुख पहुँचा। आखिरकार, उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार परेशान था और समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे।

Divorce application torn in court: दामाद ने बेटे की तरह निभाई ज़िम्मेदारी

ऐसे में, जब दामाद को अपने ससुर की हालत के बारे में पता चला, तो उसने पुरानी कड़वाहट भुला दी। वह तुरंत अस्पताल पहुँचा और इलाज की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। डॉक्टरों से सलाह लेना हो, दवाइयों का इंतज़ाम करना हो या खर्च उठाना हो—उसने हर तरह से मदद के लिए कदम बढ़ाया। जिस व्यक्ति को परिवार पहले दुश्मन मानता था, वही मुश्किल समय में बेटे की तरह उनके साथ खड़ा रहा। उसका यह रूप देखकर महिला और उसके परिवार का दिल पिघल गया।

Wife cancels divorce: कोर्टरूम में बदला पूरा माहौल (Viral divorce case)

कुछ दिनों बाद, जब पति-पत्नी कोर्ट पहुँचे, तो माहौल पूरी तरह बदल चुका था। महिला ने जज के सामने तलाक की अर्ज़ी फाड़ दी और अपने पति को गले लगा लिया। वहाँ मौजूद लोग यह नज़ारा देखकर भावुक हो गए। अक्सर कहा जाता है कि अगर गुस्से और अहंकार को छोड़कर रिश्तों को सच्चे मन से समझा जाए, तो बिगड़े हुए हालात भी सुधारे जा सकते हैं। दामाद के इस नेक काम ने न सिर्फ़ परिवार को फिर से एक कर दिया, बल्कि टूटने की कगार पर पहुँचे रिश्ते को भी बचा लिया।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।