शादी के बाद पति-पत्नी के बीच झगड़ा शुरू हो गया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। दोनों ने तलाक लेने का फैसला कर लिया था और कानूनी कार्यवाही काफी समय से चल रही थी। घर में रोज़-रोज़ के तनाव का सबसे बुरा असर महिला के बुज़ुर्ग पिता पर पड़ा; अपनी बेटी की शादी को टूटते देख उन्हें गहरा और खामोश दुख पहुँचा। आखिरकार, उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार परेशान था और समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे।
Divorce application torn in court: दामाद ने बेटे की तरह निभाई ज़िम्मेदारी
Shikha Singh had a fight with her husband and got a fake dowry case filed against him, and then started demanding a divorce.
For 5 years, the case dragged on, and the girl’s father’s entire savings were exhausted. When he suffered a heart attack, due to lack of money, he had to… pic.twitter.com/44MzMcLsJD
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) June 12, 2026
ऐसे में, जब दामाद को अपने ससुर की हालत के बारे में पता चला, तो उसने पुरानी कड़वाहट भुला दी। वह तुरंत अस्पताल पहुँचा और इलाज की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। डॉक्टरों से सलाह लेना हो, दवाइयों का इंतज़ाम करना हो या खर्च उठाना हो—उसने हर तरह से मदद के लिए कदम बढ़ाया। जिस व्यक्ति को परिवार पहले दुश्मन मानता था, वही मुश्किल समय में बेटे की तरह उनके साथ खड़ा रहा। उसका यह रूप देखकर महिला और उसके परिवार का दिल पिघल गया।
Wife cancels divorce: कोर्टरूम में बदला पूरा माहौल (Viral divorce case)
कुछ दिनों बाद, जब पति-पत्नी कोर्ट पहुँचे, तो माहौल पूरी तरह बदल चुका था। महिला ने जज के सामने तलाक की अर्ज़ी फाड़ दी और अपने पति को गले लगा लिया। वहाँ मौजूद लोग यह नज़ारा देखकर भावुक हो गए। अक्सर कहा जाता है कि अगर गुस्से और अहंकार को छोड़कर रिश्तों को सच्चे मन से समझा जाए, तो बिगड़े हुए हालात भी सुधारे जा सकते हैं। दामाद के इस नेक काम ने न सिर्फ़ परिवार को फिर से एक कर दिया, बल्कि टूटने की कगार पर पहुँचे रिश्ते को भी बचा लिया।


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