DMRC का मेकओवर प्लान, रेड और ब्लू लाइन की 70 ट्रेनों के कायाकल्प की तैयारी, MD ने किया निरीक्षण

Summary :

DMRC 70 Trains Refurbishment: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपनी ब्लू लाइन ट्रेनों के लिए मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट (आधुनिकीकरण) कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। इसके तहत सबसे पुरानी रोलिंग स्टॉक (आरएस-1) ट्रेनों को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें रेड और ब्लू लाइनों की कुल 70 ट्रेनों का नवीनीकरण शामिल है। पहले चरण में 12 ट्रेनों को अपग्रेड किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में 18 ट्रेनों का कार्य…

DMRC 70 Trains Refurbishment: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपनी ब्लू लाइन ट्रेनों के लिए मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट (आधुनिकीकरण) कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। इसके तहत सबसे पुरानी रोलिंग स्टॉक (आरएस-1) ट्रेनों को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है। यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिसमें रेड और ब्लू लाइनों की कुल 70 ट्रेनों का नवीनीकरण शामिल है। पहले चरण में 12 ट्रेनों को अपग्रेड किया जा चुका है, जबकि दूसरे चरण में 18 ट्रेनों का कार्य पूरा हो गया है। जल्द ही 9 और ट्रेनों के नवीनीकरण का काम शुरू होगा। तीसरे चरण में नवंबर 2027 तक ब्लू लाइन की 22 ट्रेनों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि ये ट्रेनें वर्ष 2002 से 2007 के बीच सेवा में शामिल की गई थीं और अब लगभग दो दशक पुरानी हो चुकी हैं। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने तीसरे चरण की पहली नवीनीकृत ट्रेन का निरीक्षण किया और इसे यात्री सेवा में शामिल करने से पहले इसकी तैयारियों का जायजा लिया। अब तक कुल 31 ट्रेनों का सफलतापूर्वक नवीनीकरण किया जा चुका है, जो डीएमआरसी की आधुनिक और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आंतरिक और तकनीकी दोनों पहलुओं में किए जा रहे हैं व्यापक सुधार

नवीनीकरण के तहत ट्रेनों के आंतरिक और तकनीकी दोनों पहलुओं में व्यापक सुधार किए गए हैं। कोचों के अंदरूनी हिस्सों, यात्री क्षेत्रों और चालक केबिन को नए सिरे से पेंट किया गया है और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की गई है। साथ ही विद्युत पैनलों को अपग्रेड कर उनकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाई गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक पब्लिक एड्रेस और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीए-पीआईएस) लगाए गए हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, डिस्प्ले स्क्रीन और एलसीडी आधारित डायनेमिक रूट मैप शामिल हैं, जो रियल-टाइम में ट्रेन की स्थिति, समय और स्टेशनों की जानकारी प्रदान करते हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में यात्रियों और ट्रेन ऑपरेटर के बीच संवाद की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

सभी कोचों में अत्याधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कोचों में धुआं और तापमान सेंसर वाले अत्याधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। पुराने इलेक्ट्रिकल उपकरणों को भी नए और उन्नत सिस्टम से बदला गया है, जिससे संचालन और सुरक्षित हो सके। इसके साथ ही यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स भी लगाए गए हैं। यह पहल डीएमआरसी के उस लक्ष्य को दर्शाती है, जिसमें पुरानी ट्रेनों को नए मानकों के अनुरूप बनाकर यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान किया जा सके।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।