दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि जब भी सरकार निर्देश देगी, वह परिचालन बहाल करने को तैयार है। डीएमआरसी का यह बयान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान के एक दिन बाद दिया है जिसमें उन्होंने था कि कोविड-19 से उत्पन्न हालात में सुधार को देखते हुए प्रायोगिक तौर पर दिल्ली मेट्रो की सेवाएं बहाल की जानी चाहिए और उम्मीद है कि केंद्र जल्द इस पर फैसला लेगा।
डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक अनुजा दयाल को उद्धृत करते हुए बयान में कहा गया, ‘‘जब भी सरकार का निर्देश मिलेगा डीएमआरसी परिचालन शुरू करने को तैयार है। कोविड-19 से निपटने के लिए जारी सभी दिशानिर्देशों को लागू किया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।’’
गौरतलब है कि 22 मार्च से से ही मेट्रों की सेवाएं स्थगित हैं। सूत्रों के मुताबिक इससे डीएमआरसी को करीब 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।इससे पहले ,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली मेट्रो की सेवा प्रायोगिक आधार पर बहाल होनी चाहिए क्योंकि शहर में कोविड-19 की स्थिति ठीक हो रही है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि केंद्र इस पर जल्द फैसला करेगा ।
शहर में ‘डिजिटल संवाद’ में कारोबारियों, उद्यमियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के बाजारों और सड़कों को चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना की तर्ज पर संवारा जाएगा। चांदनी चौक का काम नवंबर-दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है ।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केंद्र से अनुरोध किया है कि दिल्ली से अलग तरीके का व्यवहार होना चाहिए। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति में सुधार हो रहा है। अगर वे दूसरे शहरों में मेट्रो ट्रेनों को नहीं चलाना चाहते हैं तो कोई बात नहीं। लेकिन दिल्ली मेट्रो की सेवा प्रायोगिक आधार पर चरणबद्ध तरीके से शुरू होनी चाहिए। हमने कई बार केंद्र के समक्ष मुद्दा उठाया है। मुझे उम्मीद है कि केंद्र इस संबंध में जल्द फैसला करेगा। ’’


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