DUSU election: हुड़दंग और हिंसा पर दिल्ली HC ने कहा, ‘जरूरत पड़ी तो रोक देंगे वोटों की गिनती’

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कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि “लोकतंत्र को आपराधिक समाज में तब्दील नहीं किया जा सकता”। कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से शुक्रवार तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

DUSU election

DUSU election : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव प्रचार के दौरान उपद्रव और नियमों की धज्जियां उड़ाए जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन हिंसा, हुड़दंग और चुनाव कोड के उल्लंघन को रोकने में नाकाम रहता है, तो वह वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा पर रोक लगा सकती है।

एएनआई की खबर के अनुसार चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि “लोकतंत्र को आपराधिक समाज में तब्दील नहीं किया जा सकता”। कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से शुक्रवार तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

कार्रवाई करने के सख्त निर्देश

हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्देश दिया है कि अदालत के आदेश की प्रति दिल्ली पुलिस कमिश्नर, दिल्ली के मुख्य सचिव और उपराज्यपाल जैसी शीर्ष अथॉरिटी को भेजी जाए। सुनवाई के दौरान पीठ ने नॉर्थ कैंपस में गाड़ियों के काफिले, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और उम्मीदवारों के सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों पर सवाल उठाए।

कोर्ट ने पूछा कि जब गाड़ियों पर प्रत्याशियों के नाम लिखे हैं, तो जिम्मेदारों की पहचान कर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?’

तैयारियों का पूरी तरह असफल होना दिख रहा है’

पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर बार चुनावों में शांति व्यवस्था बनाने के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन जो तथ्य और तस्वीरें सामने रखी गई हैं, वे चुनावी व्यवस्था के ‘लगभग पूरी तरह विफल’ होने की ओर इशारा करती हैं।

अदालत ने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो चुनाव स्थगित किए जा सकते हैं या केवल उन्हीं उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने दिया जाएगा जिनके खिलाफ नियम उल्लंघन की कोई शिकायत नहीं है।

ASG ने दिया कार्रवाई का भरोसा

केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस साल की स्थिति पिछले वर्षों के मुकाबले काफी बेहतर है और शुक्रवार को कोर्ट के समक्ष पूरी रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। अदालत अब शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई करेगी।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।