फर्जी BSES अधिकारों को भेजा जेल

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नई दिल्ली : अगर आप के यहाँ कोई व्यक्ति BSES का अधिकारी बताकर आपसे कर रहा है वसूली तो हो जाइए सावधान ! क्योकि जनता को बिजली देने वाली बिजली कंपनी BSES के नाम पर कुछ लोगों करते थे वसूली, जी हाँ आज एक ऐसे ही एक मामले में दिल्ली की एक अदालत ने दोषियो को जेल भेज दिया है।

मामला कुछ इस प्रकार है कि आप BSES के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों के घरों से पैसों की वसूली करते थे । पुलिस ने 4 व्यक्तियों को BSES के फर्जी अधिकारी बनकर लोगों के घरों पर छापेमारी कर पैसे की वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया था।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाश मल्होत्रा ने राजीव मोहित, प्रदीप और राकेश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।  इससे पहले पुलिस का कहना था कि 4 व्यक्तियों ने कथित तौर पर BSES प्रवर्तन के अधिकारियों के रूप में फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी लोगों के घरों पर फर्जी छापेमारी करके उनसे पैसों की वसूली करते हैं। अदालत ने बताया कि आरोप गंभीर है। फर्जी पहचान पत्रों को पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है।

 

अदालत ने कहा कि पहली नजर में यह स्पष्ट है कि आरोपियों ने बीएसईएस अधिकारी बनकर लोगों को धोखा दिया और पैसों की उगाही की। BSES यमुना पावर लिमिटेड के DGM महेश कुमार की शिकायत पर एक FIR की गई थी जिसमें कहा गया है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि 17 मई को कुछ व्यक्ति मध्य दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में BSES प्रवर्तन दल बनकर आएंगे।

FIR में आरोप लगाया है कि आरोपी बिजली चोरी या मीटर के साथ छेड़छाड़ को लेकर छापेमारी के बहाने से घर में घुसेंगे और BSES अधिकारी बनकर पैसें एठेंगे। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनकी टीम मौके पर गई और पाया कि 4 व्यक्ति एक घर के मीटर बक्से की जांच कर रहे थे। पहचान पत्र मांगने पर उनके पहचान पत्र फर्जी दिखे।

जब आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो BSES की टीम ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया था।

Desk Team