Tughlakabad Fire Incident : मालवीय नगर हौजरानी में एक होटल में आग लगने से 23 लोगों की मौत की घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के तुगलकाबाद एक्सटेंशन इलाके में शुक्रवार तड़के पांच मंजिला एक रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में पांच महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
दमकल सूत्रों के मुताबिक सूचना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स ने राहत कार्य करते हुए आठ लोगों को इमारत से बाहर निकाला और पुलिस ने कैट्स एंबुलेंस की मदद से उन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने एक महिला और उसके दो जवान बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान गुड्डी (50), इसके बेटे पंकज (28) और बेटी सोनी (20) के तौर पर हुई है। सभी थर्ड फ्लोर पर रहते थे। घायलों में मृतक महिला की 70 वर्षीय मां और छोटी बेटी मोनी (18) की हालत नाजुक बनी हुई है।तीन अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। दमकल सूत्रों के मुताबिक बीती देर रात करीब 2:25 बजे तुगलकाबाद की गली नंबर-एक स्थित नया तारा अपार्टमेंट के पास एक मकान में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग मकान के ग्राउंड फ्लोर पर खड़े वाहनों में लगी थी। इसके बाद धुआं तेजी से पूरी इमारत में फैल गया और कई लोग अंदर फंस गए। दमकल विभाग के अनुसार संबंधित इमारत ग्राउंड समेत पांच मंजिला बनी हुई थी। मौके पर पहुंचे फायर फाइटर्स को संकरी गली होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फायर फाइटर्स ने बिना देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
दो महिलाओं को किया गया मृत घोषित
दमकल विभाग के पीआरओ राजेंद्र अटवाल ने बताया कि सुबह करीब 3:45 बजे आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जबकि सुबह 4 बजे आग पूरी तरह बुझा दी गई। इसके बाद भी इमारत में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी रखा गया।
डीएफएस के अनुसार पांच महिलाओं को सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया, जबकि दो महिलाओं और एक पुरुष को सीएटीएस एम्बुलेंस तथा पीसीआर की मदद से एम्स ट्रॉमा सेंटर के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में पहुंचाया गया। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती दो महिलाओं को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दोनों मां-बेटी थीं। वहीं, एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती एक पुरुष ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वह मृतक महिला का बेटा था।
हादसे में तीन घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। उनका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि पार्किंग क्षेत्र में लगी आग से निकला घना धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया, जिससे लोग इमारत में फंस गए। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।
चार्जिंग पर लगा ई-स्कूटर बना काल!
शुरुआती जांच के आधार पर माना जा रहा है कि ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। वहीं पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने तुरंत रफ्तार पकड़ी और वहां पार्क किए गए ई-स्कूटर समेत कुल सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। वाहनों की टंकियां फटने और प्लास्टिक जलने से पूरी इमारत में पल भर में दमघोंटू धुआं भर गया।
जिससे ऊपर की मंजिलों पर सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। डिस्ट्रिक्ट के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट और ई-स्कूटर की चार्जिंग लग रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता विस्तृत फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल पाएगा।
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