इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस

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Delhi News : राजधानी दिल्ली में शनिवार से दो दिवसीय निवेश सम्मेलन ‘आईब्रिक्स 2026’ की शुरुआत हो गई है। नई दिल्ली के द ओबेरॉय होटल में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स के 21 सदस्य और साझेदार देशों के संप्रभु संपत्ति कोष, सार्वजनिक पेंशन फंड, फैमिली ऑफिस और प्रमुख कारोबारी समूह हिस्सा लेंगे। आईब्रिक्स सम्मेलन के सह-अध्यक्ष और पैनाचे कैपिटल के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दुष्यंत खन्ना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स और साझेदार अर्थव्यवस्थाओं में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश को जुटाना है। भारत को इस निवेश प्रक्रिया का पहला प्रमुख केंद्र बनाने पर…

Delhi News : राजधानी दिल्ली में शनिवार से दो दिवसीय निवेश सम्मेलन ‘आईब्रिक्स 2026’ की शुरुआत हो गई है। नई दिल्ली के द ओबेरॉय होटल में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स के 21 सदस्य और साझेदार देशों के संप्रभु संपत्ति कोष, सार्वजनिक पेंशन फंड, फैमिली ऑफिस और प्रमुख कारोबारी समूह हिस्सा लेंगे। आईब्रिक्स सम्मेलन के सह-अध्यक्ष और पैनाचे कैपिटल के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दुष्यंत खन्ना ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स और साझेदार अर्थव्यवस्थाओं में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश को जुटाना है। भारत को इस निवेश प्रक्रिया का पहला प्रमुख केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

खन्ना के मुताबिक सम्मेलन में 4,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने के बावजूद केवल 500 लोगों को व्यक्तिगत आमंत्रण के आधार पर प्रवेश दिया गया। इसमें खाड़ी देशों के संस्थागत निवेशकों, ब्रिक्स देशों के संप्रभु कोष और भारत के प्रमुख कारोबारी घरानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन की सह-अध्यक्षता दुष्यंत खन्ना, निशिथ देसाई और ब्रिटेन के पूर्व मंत्री सर ब्रैंडन लुइस ने किया, जबकि अमेरिकन कंपनी एसडब्ल्यूएफआई के चेयरमैन लक्ष्मी नारायणन प्रमुख सह-अध्यक्ष होंगे।

इन देशों की संयुक्त आबादी करीब 3.9 अरब है, जो दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी के बराबर है। समूह की वैश्विक जीडीपी में करीब 41 प्रतिशत हिस्सेदारी और वैश्विक व्यापार में लगभग 26 प्रतिशत योगदान है। वर्ष 2024 में ब्रिक्स देशों के बीच वस्तु व्यापार 1.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2003 में यह केवल 84 अरब डॉलर था। सम्मेलन का उद्देश्य इस बढ़ते व्यापार और समूह के भीतर वास्तविक पूंजी निवेश के बीच मौजूद अंतर को कम करना है। पहले दिन दोपहर में ‘ब्रिक्स डिजिटल एसेट राउंड टेबल’ का आयोजन होगा।

‘भाषण नहीं, टर्म शीट चाहिए’

आईब्रिक्स के सह-अध्यक्ष और पैनाचे कैपिटल के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दुष्यंत खन्ना ने कहा कि ब्रिक्स ने दुनिया की आधी अर्थव्यवस्था का निर्माण किया, लेकिन उसकी बचत का बड़ा हिस्सा समूह के बाहर निवेश होता रहा। उनके अनुसार अब जरूरत निवेशकों और संपत्ति मालिकों को एक मंच पर लाने की है। उन्होंने कहा कि यदि सम्मेलन केवल भाषणों तक सीमित रहा तो यह असफल माना जाएगा, जबकि वास्तविक सफलता ठोस निवेश प्रस्ताव और समझौते तैयार होने में होगी।

Sumant Chaudhary