नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए। दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए।
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने दोहराया कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों पक्षों को तीन परस्पर सिद्धांतों, परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हित से निर्देशित होना चाहिए।”
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए एक आवश्यक आधार बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा, “उन्होंने दोनों पक्षों द्वारा सीमा से संबंधित मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। दोनों नेताओं ने अपने समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों के आधार पर सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, उचित और परस्पर स्वीकार्य समाधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।”
दोनों नेताओं ने लोगों के बीच आपसी संबंधों में हुई प्रगति पर भी ध्यान दिया और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक संबंधों और अधिक आवाजाही को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया, “आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर उन्होंने एक-दूसरे की चिंताओं, जिसमें संरचनात्मक व्यापार असंतुलन और सप्लाई चेन के मुद्दे शामिल हैं, को दूर करने और सार्थक और पूर्वानुमानित बाजार पहुंच को सुविधाजनक बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।”
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर और चुनौतियों से निपटने में साझा आधार का विस्तार जारी रखना चाहिए।
बयान के अंत में कहा गया, “प्रधानमंत्री ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए चीन के समर्थन और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 की सफलता में उसके योगदान की सराहना की।”
इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
–आईएएनएस
केके/एबीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



