दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान में 100 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले ओमा राम मारवाड़ी को गिरफ्तार किया है। 36 वर्षीय आरोपी 59 अलग-अलग मामलों में अपराधी है, वह इन अपराधों में भाग खड़ा हुआ है। इसके साथ ही वह बीएसएफ (BSF) में रसोईये के पद पर काम कर चुका है। उसने हाल ही में बीएसएफ छोड़ दी थी।
साल 2008 से 2011 के बीच दर्ज हुए 59 मामलों में राजस्थान पुलिस को ओमा राम की तलाश थी। आरोपी को 59 मामलों में भगोड़ा भी घोषित किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने लगभग 6 महीने की कोशिश के बाद आरोपी को राजधानी के रोहिणी इलाके से धरदबोचा है। पुलिस को सूत्रों से ये खबर मिली थी कि आरोपी आने वाला है। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
जल्दी अमीर बनने के लिए छोड़ी BSF
आरोपी सिर्फ 12वीं क्लास तक पढ़ा लिखा ओमा राम मारवाड़ी जोधपुर का रहने वाला है। उसने साल 2004 से 2006 के बीच बीएसएफ (BSF) में रसोईये के पद पर काम किया है। लेकिन जल्द से जल्द अमीर बनने के लिए उसने हाल ही में बीएसएफ की नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद आरोपी ने जयपुर राजस्थान में एक सुरक्षा एजेंसी खोली थी।
करीब 60 लोगों की नौकरी लगवाने के बाद उसने एजेंसी किसी और को बेचने के बाद खुद की मार्केटिंग कंसलटेंसी कंपनी बनाकर नया काम शुरु किया। वो लगातार धोखाधड़ी करता चला गया और एक के बाद एक कंपनियों को बंद करके नई-नई कंपनियां खोलता रहा। आरोपी ने MIM नाम से एक मार्केटिंग फर्म शुरू की थी जिसमें 4000 रुपये देने के बदले में 500 वाला सफारी सूट देकर बाद में ज्यादा कमीशन देने का दावा किया जाता था।
2021 में ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के जरिये शुरू किया काम
फ्राड के इस धंधे में शामिल होने वाले मेंबर को 10 नए सदस्य बनाने पड़ते थे। जिसमें गारंटीड रिटर्न देने का दावा किया जाता था। इस तरह उसने 12 महीने तक हजारों सदस्य बना लिए और करीब 100 करोड़ की धोखाधड़ी करके फरार हो गया था।इस शातिर आरोपी ने 2021 में ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के जरिए नया काम शुरू किया था। उसने इस मंच पर भी लोगों को धोखा देकर जल्द ही ज्यादा पैसा कमाने की जुगाड़ लगाई। अब तक उस पर 59 मामले संज्ञान में आए हैं।


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