NIA से BSF तक 15 से अधिक एजेंसियां एकजुट, ड्रग्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने तेज की संयुक्त कार्रवाई

Summary :

Central Government Big Action On Drug : देश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े संगठित अपराध के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक सशक्त बनाया है। इसी कड़ी में 15 से अधिक केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रवर्तन, खुफिया तथा नियामक एजेंसियों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त समन्वय समिति (JCC) के तहत एक साझा मंच पर लाया गया है, ताकि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क पर समन्वित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। जुलाई माह के दौरान असम, मध्य प्रदेश,…

Central Government Big Action On Drug : देश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े संगठित अपराध के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक सशक्त बनाया है। इसी कड़ी में 15 से अधिक केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रवर्तन, खुफिया तथा नियामक एजेंसियों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त समन्वय समिति (JCC) के तहत एक साझा मंच पर लाया गया है, ताकि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क पर समन्वित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। जुलाई माह के दौरान असम, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (JCC) की बैठकों में इस नई व्यवस्था का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

इन बैठकों में नारकोटिक्स नियंत्रण, सीमा सुरक्षा, वित्तीय खुफिया, कराधान और आतंकवाद-रोधी एजेंसियों ने एक साथ बैठकर बड़े मामलों की समीक्षा की और ड्रग सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की रणनीति तैयार की। यह समन्वित व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा एपेक्स नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप विकसित की गई है। साथ ही ‘ड्रग कंट्रोल विजन 2026-29’ के तहत केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित रहने के बजाय खुफिया सूचनाओं पर आधारित कार्रवाई, वित्तीय जांच, संयुक्त अभियोजन और पूरे नारकोटिक्स इकोसिस्टम को ध्वस्त करने की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया है।

15 से अधिक एजेंसियां कर रहीं संयुक्त कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, इस समन्वित ढांचे में एनसीबी (NCB), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय (ED), डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), कस्टम्स, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अंतर्गत डीजीजीआई (DGGI) और सीजीएसटी (CGST), आयकर विभाग, इंटेलिजेंस ब्यूरो की सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB), सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राज्य एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), राज्य आबकारी विभाग, ड्रग कंट्रोलर तथा राज्य पुलिस जैसी एजेंसियां शामिल हैं। इसके अलावा NATGRID और वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) भी सूचना साझा करने और विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

गुवाहाटी बैठक में पूर्वोत्तर के ड्रग नेटवर्क पर विशेष फोकस

गुरुवार को गुवाहाटी में आयोजित संयुक्त समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता एनसीबी के उप महानिदेशक (पूर्वोत्तर क्षेत्र) आर. सुधाकर ने की। बैठक में पूर्वोत्तर भारत की लगभग सभी प्रमुख प्रवर्तन एजेंसियों ने भाग लिया।बैठक में ड्रग तस्करी के बदलते तौर-तरीकों की समीक्षा करने के साथ-साथ वित्तीय जांच को मजबूत बनाने, खुफिया सूचनाओं के आधार पर संयुक्त कार्रवाई बढ़ाने और ड्रग कार्टेल की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। असम के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बड़े मामलों की हुई समीक्षा

बैठक में कई महत्वपूर्ण मामलों की समीक्षा की गई। इनमें श्रीभूमि जिले में 80,000 याबा टैबलेट्स की बरामदगी, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, प्रमुख रही। इसके अलावा लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गुवाहाटी पर 111 कार्गो पार्सलों में छिपाकर रखे गए 669.734 किलोग्राम गांजा की बरामदगी के मामले की भी समीक्षा की गई। इस प्रकरण में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भोपाल में भी हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

इसी दिन भोपाल में आयोजित एक अन्य संयुक्त समन्वय समिति की बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), एसआईबी, आयकर विभाग, कस्टम्स, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राज्य अभियोजन विभाग और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों की समीक्षा करते हुए विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, संयुक्त जांच और प्रभावी अभियोजन को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

केंद्र सरकार का मानना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और वित्तीय जांच को प्राथमिकता देने से न केवल ड्रग्स की तस्करी पर अंकुश लगेगा, बल्कि इसके पीछे सक्रिय संगठित अपराध और वित्तीय नेटवर्क को भी प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सकेगा।

Sumant Chaudhary