उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में शनिवार तड़के एक झुग्गी बस्ती में लगी आग में एक गर्भवती महिला समेत आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिवार के सदस्यों ने बताया कि इस आग में उन्होंने प्रियजनों और संपत्ति समेत सब कुछ खो दिया है।
चंद मिनटों में कुछ बदल गया – पीडीत
घटना में जान गंवाने वाली प्रियंका के एक रिश्तेदार प्रदीप ने बताया कि वह लगभग पांच महीने की गर्भवती थी। प्रदीप इस दौरान घटना में अपने घर और परिवार के सदस्यों को खोने वाले अन्य लोगों को सांत्वना देने की कोशिश कर रहा था। आग में मरने वाले एक व्यक्ति के परिजन ने कहा, कुछ ही मिनटों में हमारा जीवन पूरी तरह से बदल गया। हमने न केवल अपने प्रियजनों को, बल्कि अपनी संपत्ति और बचत को भी खो दिया।
दमकल विभाग ने की शवों की पहचान
दिल्ली दमकल सेवा विभाग (डीएफएस) ने कहा कि सात शव बरामद किए गए हैं। डीएफएस के एक अधिकारी के मुताबिक आग में एक ही परिवार के रोशन (13) और उसकी बहन दीपिका (9) की मौत हो गई। पांच अन्य की पहचान बबलू (32), रंजीत (25), रेशमा (18), प्रियंका (20) और शहंशाह (10) के रूप में हुई है।
पांच माह की गर्भवती की भी आग से मौत
रंजीत, बबलू और रेशमा भाई-बहन थे। शहंशाह बबलू का बेटा था और प्रियंका बबलू के भाई सुजीत की पत्नी थी। प्रदीप ने कहा, प्रियंका की सात महीने पहले शादी हुई थी और वह लगभग पांच महीने की गर्भवती थी। वह पिछले दो महीनों से अपने ससुराल में रह रही थी। हम सभी एक ही इलाके में रहते हैं। बबलू कान साफ करने का काम करता था, जबकि सुजीत एक कारखाने में काम करता था।
प्रदीप (33) की खुद की झोपड़ी भी आग में जल गई। उसने बताया कि वे लोग पिछले 20-25 वर्षों से गोकुलपुरी में रह रहे हैं।
प्रदीप ने कहा, हमें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि हमारे परिवार के पांच सदस्य नहीं रहे। संतू ने कहा, मैंने अपने दो पोते-पोतियों को खो दिया है। हम बच गए, लेकिन वे दोनों आग में फंस गए।
रोशन और दीपिका के 58 वर्षीय दादा संतू ने कहा, हम करीब साढ़े 10 बजे सोने के लिए चले गए थे। यह आग रात करीब 12.30 बजे लगी जब हम सो रहे थे। हमें नहीं पता कि यह कहां और कैसे शुरू हुआ। हमारे पास केवल एक कमरा है। हम अपनी जान बचाने के लिये झुग्गी से बाहर की ओर भागे।
दिल्ली सरकार देंगी पांच लाख रूपये आर्थिक मदद
रोशन और दीपिका के दादा संतू ने कहा कि वह अपने बेटे पिंटू, बहू रोमा और पोते रोशन, दीपिका, रश्मि और मुस्कान के साथ रहते थे।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हादसे में जान गंवाने वाले वयस्कों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये, जबकि जान गंवाने वाले नाबालिगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही, जिन लोगों की झुग्गियां जल गईं, उन्हें 25-25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।


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