सरकार ने ‘खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) प्लस’ दृष्टि पत्र शनिवार को जारी किया जिसमें गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन के साथ ही प्राकृतिक ढंग से नष्ट होने वाले कचरे और गैर जैविक कचरे का एकत्रीकरण एवं ढुलाई का विचार शामिल किया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
ओडीएफ प्लस स्वच्छ भारत मिशन के ओडीएफ कार्यक्रम का विस्तार है। इसका लक्ष्य ओडीएफ कार्यक्रम को जारी रखना और ठोस एवं द्रव कचरा प्रबंधन के कार्य को बढ़ाना है।
जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया सातुरदा ने ओडीएफ प्लस कार्यक्रम पर ‘वे फॉरवर्ड’ पत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के कारण लोगों के नजरिये में बदलाव आया है।
एक अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ओडीएफ प्लस डैशबोर्ड और मोबाइल ऐप्लिकेशन ‘स्वच्छ ग्राम दर्पण ऐप’ भी लॉन्च किया गया। इस ऐप के जरिए लोग जिला एवं राज्य स्तरों पर कार्यक्रम कैसे चल रहा है, इस पर नजर रख पाएंगे।
ओडीएफ प्लस कार्यक्रम के तहत चार स्तर होंगे – प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले कचरे का प्रबंधन, प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन, ग्रेवाटर प्रबंधन और मल प्रबंधन।
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर ने कहा, “कार्यक्रम के तहत तात्कालिक लक्ष्य निर्धारित कर लिए गए हैं और हम अब इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।” साथ ही उन्होंने कहा, “कार्यक्रम के लिए राशि हमारे अपने बजट और तमाम अन्य संसाधनों के साथ ही राज्य सरकार के बजट से जुटाई जाएगी।”
दृष्टिपत्र के मुताबिक प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले कूड़े के प्रबंधन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 2023-24 की समय सीमा निर्धारित की गई है।


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