नयी दिल्ली : वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच जारी विवाद के मामले में मोदी सरकार द्वारा मंगलवार देर रात जाँच एजेन्सी में अधिकारियों के तबादले की निंदा करते हुए इसे ग़ैरज़रूरी दख़ल बताया है। यादव ने बुधवार को एक बयान में कहा “सीबीआई के निदेशक को जबरन छुट्टी पर भेजने तथा संयुक्त निदेशक को अंतरिम व्यवस्था के तौर पर निदेशक का प्रभार देने के सरकार के फैसले की मैं निंदा करता हूं। देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है।”
उन्होंने कहा कि सीबीआई निदेशक की नियुक्ति, तबादला, निलंबन और निष्कासन आदि उच्चाधिकार प्राप्त समिति द्वारा किया जाता है। यादव ने कहा ‘‘सरकार द्वारा देर रात जो कुछ भी किया गया है वह संवैधानिक, नैतिक और राजनीतिक रूप से गलत है। यह स्वतंत्र इकाई में हस्तक्षेप करने का बल प्रयोग मात्र है।’’


Download Android App
Download iOS App



