Heatwave Mitigation Plan: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि गर्मी से निपटने के लिए हर स्तर पर पुख्ता और समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में लगातार बढ़ती गर्मी और तीव्र होती हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार पूरी तरह सतर्क है और वर्ष 2030 तक हीट वेव से होने वाली मृत्यु को शून्य तक लाना सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है।
बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक अस्पताल में हीट वेव से जुड़े मामलों के लिए पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और सभी एम्बुलेंस में हीट वेव उपचार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही, पूरे शहर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग बचाव के उपायों के प्रति जागरूक हो सकें। उन्होंने सभी स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके और डिहाइड्रेशन से बचाव हो।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अस्पतालों, स्कूलों, कंस्ट्रक्शन साइटों, अटल कैंटीनों, पुलिस थानों, पोस्ट ऑफिसों और डीटीसी बस स्टैंडों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सभी प्रमुख स्थानों पर ओआरएस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में टैंकरों, वॉटर कूलर और वाटर एटीएम की सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित रहें। साथ ही, पशु-पक्षियों के लिए भी छाया और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पूरे दिल्ली में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र ओआरएस, आइस पैक
दिल्ली सरकार द्वारा लागू किया गया हीट एक्शन प्लान 2026 दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के माध्यम से विभिन्न विभागों और 17 से अधिक नॉलेज पार्टनर्स (एनजीओ) के तकनीकी सहयोग और समन्वय से प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में अभूतपूर्व तापमान दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि पिछले 2-3 वर्षों में लगभग 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में यह समग्र और वैज्ञानिक योजना तैयार की गई है। पूर्व चेतावनी और तैयारी के तहत भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा रंग-कोडित चेतावनी प्रणाली ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड लागू की गई है।
इसके माध्यम से दैनिक आधार पर तापमान की निगरानी की जा रही है और रियल-टाइम अलर्ट सभी विभागों और आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों के अंतर्गत पूरे दिल्ली में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र ओआरएस, आइस पैक आदि से सुसज्जित किए गए हैं। 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष ‘कूल रूम’ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 174 चिकित्सा अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को हीट से संबंधित बीमारियों के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 330 एम्बुलेंस को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखा गया है।
दिल्ली पुलिस ने 11,000 एयर कूलर और 1,900 से अधिक वाटर कूलर लगाए
मुख्यमंत्री के अनुसार जन सुविधाओं और मैदानी उपायों के तहत पूरे शहर में पेयजल, वाटर कूलर, छायादार शेल्टर और कूलिंग पॉइंट स्थापित किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा 11,000 से अधिक एयर कूलर और 1,900 से अधिक वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा ओआरएस पैकेट्स का व्यापक वितरण किया जा रहा है। इसे आने वाले दिनों में और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण एवं अन्य बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि उनके कार्य समय में आवश्यक बदलाव किया जाए, विशेषकर दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में कार्य से बचाव सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों के लिए कार्यस्थलों पर छाया, विश्राम (रेस्ट ब्रेक), पीने के पानी और ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए ताकि हीट वेव के दुष्प्रभाव से उनकी सुरक्षा की जा सके।
Also Read: Delhi Weather Update: दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप, शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी


Download Android App
Download iOS App




