नई दिल्ली : दिल्ली के पर्यावरण मंत्री कैलाश गहलोत ने पड़ोसी राज्यों से पराली जलाने पर तत्काल रोक लगाने का अनुरोध किया। साथ ही धान के पुआल के प्रबंधन के लिए किसानों के बीच मशीनें वितरित करने में तेजी लाने को कहा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वायु प्रदूषण से मुकाबले के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा को लेकर शनिवार को बैठक बुलाई थी, जिसमें गहलोत ने पराली जलाने का मुद्दा उठाया।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। गहलोत एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे, जो किसी राज्य के मंत्री थे। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने गहलोत के हवाले से कहा कि ‘पड़ोसी राज्यों को पराली जलाने पर तुरंत रोक लगानी चाहिए ताकि दिल्ली के लोगों को सर्दियों के दौरान परेशानी नहीं झेलनी पड़े, जबकि उनकी कोई गलती भी नहीं है।
गहलोत ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मशीनें वितरित करने में तेजी लानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह समस्या दोबारा नहीं हो। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा कि नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण को भी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर धूलकण वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने छह नवंबर को अपने आदेश में पराली जलाने से छोटे एवं सीमांत किसानों को दूर रखने के लिए केंद्र को राज्यों के साथ मिलकर तीन महीने के भीतर एक व्यापक योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। पराली जलाने की पहचान राष्ट्रीय राजधानी में दमघोंटू प्रदूषण के बड़े स्रोत के तौर पर हुई है।


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