नई दिल्ली : दिल्ली डीएसजीएमसी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके समेत अन्य पर बुधवार को नॉर्थ एवन्यू थाने में धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इससे पहले बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट के सेशन जज ने आदेश दिया था कि मंजीत सिंह जीके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और हम मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजेता सिंह रावत के आदेश को बहाल करते हैं।
13 दिसंबर 2018 को पटियाला हाउस कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली पुलिस को आदेश दिए थे, लेकिन 24 घंटे का समय पूरा होने के भीतर ही बर्खास्त जीएम हरजीत सिंह सूबेदार ने आदेश को चुनौती दी थी। इसके बाद अदालत ने मामले में फैसला आने तक एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
अब पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर परमजीत सिंह राणा ने भी गुरमीत सिंह शंटी के खिलाफ संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें मानहानी का दावा किया गया है।
14 जनवरी को एसएचओ को किया तलब
वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता दिल्ली कमेटी मेंबर गुरमीत सिंह शंटी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज होने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट की जज प्रीती प्रहार (एमएन) के पास गुरुवार सुबह पेश हुए। इसके बाद जज ने इस मामले में संबंधित पुलिस थाने के एसएचओ को सोमवार को पेश होने को कहा है।
शंटी ने अपनी दलील में जज को कहा कि यदि दोनों प्रकाशक सरकारी गवाह बन चुके हैं और उन्होंने यह भी स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने प्रबंधकों के दबाव में आकर नकली बिल बनाये। कमिटी के कर्मचारी धरमिंदर सिंह, प्रभजीत सिंह और परमिंदर सिंह ने भी पैसे संबंधी हुए लेन-देन को स्वीकारा है तो किस प्रकार पैसे की हेरा-फेरी से इंकार किया जा सकता है।
पुलिस की छान-बीन में भी यह बात सामने आयी है तो उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई। शंटी ने कहा कि इसके बाद जज ने मामले में उचित धाराओं लगाने की हिदायत देते हुए पुलिस को 14 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश सुनाया है।


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