27 फ्लाईओवर समेत, दिसंबर में दिल्ली को मिलेगी 75 किमी लंबी तीसरी रिंग रोड

Summary :

एक लंबे इंंतजार के बाद राजधानी दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। NHI से मिली जानकारी के अनुसार, अब यूईआर-2 का काम दिसंबर 2023 तक पूरा हो पाएगा।

एक लंबे इंंतजार के बाद राजधानी दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। NHI से मिली जानकारी के अनुसार, अब यूईआर-2 का काम दिसंबर 2023 तक पूरा हो पाएगा। इसके पैकेज-2 का काम सबसे अधिक डिले चल रहा है। अधिकारी के अनुसार, यहां पर कुछ दिक्कतें आ गई थीं। अन्य पैकेज के काम की गति ठीक है। जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का काम करीब 70 से 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कुछ जगहों पर तो यह काम 90 प्रतिश्त से भी अधिक पूरा हो चुका है। एनएचएआई के एक अधिकारी के अनुसार, दरअसल पैकेज-2 में थोड़ी समस्या है। यहां पर मंगेशपुर ड्रेन है। इस ड्रेन पर कुछ पिलर बनने हैं। इनकी वजह से काम थोड़ी धीमी गति से चल रहा है। इसी हिस्से की वजह से अगस्त तक काम पूरा नहीं हो सका और अब इसे दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाएगा।
 जधानी को जाम से मुक्ति
पैकेज-2 का कुल हिस्सा 13.45 किलोमीटर लंबा है। यह कराला कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड को जोड़ेगा। इसी हिस्से का काम थोड़ा डिले हो रहा है। इस सड़क के पूरा होने के बाद राजधानी को जाम से मुक्ति मिलेगी। दिल्ली के आसपास के शहरों और राज्यों से आनेवाले ट्रैफिक को इसके बाद राजधानी में नहीं आना पड़ेगा।
प्रोजक्ट पर 7716 करोड़ रुपये की लागत आ रही
यूईआर-2 की कुल लंबाई 75.71 किलोमीटर है। प्रोजक्ट पर 7716 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसमें से 4000 करोड़ से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसमें 35 किलोमीटर के करीब की कुल सड़क है। अन्य सड़कें इस मुख्य सड़क को राजधानी के दूसरे हिस्सों से जोड़ने के लिए बनाई जा रही हैं। यह सभी सड़कें छह लेन की होंगी। इसके दोनों तरफ तीन-तीन लेन का सर्विस रोड भी है। प्रोजेक्ट के लिए डीडीए ने 3600 करोड़ रुपये दिए हैं। इस प्रोजेक्ट में 27 फ्लाईओवर, दो आरओबी, 11 अंडरपास, 1 बड़ा ब्रिज, 26 छोटे ब्रिज, 17 सबवे, 31 बस बाय और 111 किलोमीटर की सर्विस रोड शामिल है। 

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