चीन में बैठे साइबर ठगों के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में खुल रहे थे ‘म्यूल’ खाते

Summary :

Delhi Police Busts International Fraud Network : चीन में बैठे साइबर ठगों के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराकर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों गीत‌म सिंह, ध्रुव, अनुज शर्मा और गगन यादव को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी चीन में बैठे साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम पहुंचने के बाद उसे  यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे…

Delhi Police Busts International Fraud Network : चीन में बैठे साइबर ठगों के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराकर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों गीत‌म सिंह, ध्रुव, अनुज शर्मा और गगन यादव को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी चीन में बैठे साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम पहुंचने के बाद उसे  यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आगे भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 बैंक पासबुक, 5 सिम कार्ड, 6 मोबाइल फोन और कमीशन का हिसाब रखने वाला रजिस्टर बरामद किया है।

डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि 17 जुलाई को साइबर थाना दक्षिण-पश्चिम में 12 लाख रुपये की ठगी की शिकायत मिली थी। पीड़ित को टेलीग्राम के जरिए वर्क फ्रॉम होम टास्क का झांसा दिया गया था। शुरुआत में सिक्योरिटी राशि जमा कराकर उसे ऑनलाइन टास्क दिए गए। जब उसने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उससे और पैसे जमा कराए। इस तरह पीड़ित से कुल 12 लाख रुपये ठग लिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी  ने बताया कि आरोपियों को एसीपी संघमित्रा की देखरेख में साइबर एसएचओ प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर चेतन राणा, जिसमें हेड कांस्टेबल विजयपाल और मनेंद्र की टीम ने यह कार्रवाई की है।

टेलीग्राम की चैट ने खोली चीन तक पहुंचने वाली कड़ी

टीम ने टेलीग्राम आईडी और रकम के लेनदेन की पड़ताल में सामने आया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा गगन यादव के बैंक खाते में पहुंचा था। इसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए गुरुग्राम से गीतम सिंह को दबोचा गया। पूछताछ में उसके चीन में बैठे साइबर ठगों से संपर्क के संकेत मिले। उसके मोबाइल से टेलीग्राम और व्हाट्सएप चैट भी मिलीं। पुलिस के मुताबिक, गीतम चीन में बैठे ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराने के साथ ठगी की रकम को यूएसडीटी में बदलने में मदद करता था। इसके बाद उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद से ध्रुव को गिरफ्तार किया गया। ध्रुव के पास से कई बैंक पासबुक, सिम कार्ड और कमीशन का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर मिला।

खाता खुलवाने से लेकर सिम उपलब्ध कराने तक अलग-अलग जिम्मेदारी

पूछताछ में ध्रुव ने अनुज शर्मा की भूमिका का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, अनुज ने गगन यादव का बैंक खाता खुलवाने और उससे जुड़ा सिम उपलब्ध कराने में मदद की थी। इसके बाद नोएडा से अनुज को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल से कमीशन के भुगतान से जुड़ी चैट बरामद हुई। पुलिस ने इसके बाद इटावा में दबिश देकर बैंक खाताधारक गगन यादव को गिरफ्तार किया।

पढ़े-लिखे युवक बने अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क की कड़ी

पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय गीतम सिंह बीबीए, 21 वर्षीय ध्रुव बीकॉम और 27 वर्षीय अनुज शर्मा एमबीए स्नातक हैं। आरोपियों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं कोई बैंक खाते जुटाता था, कोई खाते खुलवाने और सिम की व्यवस्था करता था, जबकि खाताधारक अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और यूएसडीटी लेनदेन की जांच कर रही है।

Sumant Chaudhary